छतरपुर जिले के गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र में एक नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता के पिता ने गुरुवार को पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर आरोप लगाया है कि उनकी 17 वर्षीय बेटी के साथ गांव के एक युवक और उसके साथियों ने सामूहिक दुष्कर्म किया है। उन्होंने पुलिस पर मुख्य आरोपी के अलावा अन्य आरोपियों पर कार्रवाई न करने और परिवार को धमकाने का भी आरोप लगाया है। पीड़िता के पिता ने एसपी को दिए आवेदन में बताया कि उनकी बेटी 10 मार्च 2026 की शाम करीब 6:30 बजे गांव के बाहर गई थी। इसी दौरान गांव के घनश्याम उर्फ टिंकू और पृथ्वीपुरा निवासी उसके साथियों ने उसे अकेला पाकर जबरदस्ती की। आरोप है कि आरोपियों ने उसके मुंह पर स्प्रे कर उसे अचेत कर दिया और फिर बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया। परिजनों के अनुसार, घटना में पीड़िता गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल छतरपुर में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों को कई टांके लगाने पड़े। फिलहाल उसकी हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जारी है। पिता बोले- पिता ने केवल एक पर ही एफआईआर
पीड़िता के पिता का कहना है कि उन्होंने घटना की जानकारी पुलिस को दी थी। इसके बाद पुलिस ने केवल घनश्याम उर्फ टिंकू के खिलाफ मामला दर्ज किया, लेकिन उसके अन्य साथियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि गढ़ीमलहरा थाना के कुछ पुलिसकर्मी उन्हें फोन पर धमका रहे हैं। इसके अलावा, थाना प्रभारी पर जिला अस्पताल में पीड़िता के बयान लेने के दौरान दबाव बनाने का आरोप भी लगाया। परिजनों ने यह भी बताया कि आरोपी के पिता द्वारा भी उन्हें फोन पर धमकी दी जा रही है, जिससे परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। पीड़िता के पिता का कहना है कि पुलिस ने मामले में घनश्याम उर्फ टिंकू के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है, लेकिन उसके अन्य साथियों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस पर ही दबाव बनाने और धमकी देने के आरोप
पीड़िता के पिता ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर मामले की वरिष्ठ अधिकारी से जांच कराने और सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आवेदन के अनुसार, पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया है कि गढ़ीमलहरा थाना के कुछ पुलिसकर्मी परिवार को फोन कर धमका रहे हैं। उन्होंने बताया कि किसी अहिरवार और बृजेश यादव नाम के पुलिसकर्मी द्वारा घर के लोगों को धमकाया जा रहा है। परिजनों का आरोप है कि गढ़ीमलहरा थाना प्रभारी रीता सिंह भी जिला अस्पताल छतरपुर पहुंचीं और पीड़िता देवकी के बयान लेने के दौरान उस पर दबाव बनाया। वहीं मुख्य आरोपी घनश्याम उर्फ टिंकू के पिता कोपाल सिंह द्वारा भी फोन पर धमकी दिए जाने की बात कही गई है। परिवार का कहना है कि इन घटनाओं के कारण वे काफी डरे हुए हैं और उन्हें न्याय मिलने में परेशानी हो रही है। पीड़िता के पिता ने एसपी से मांग की कि पूरे मामले की वरिष्ठ अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराई जाए और आरोपी घनश्याम उर्फ टिंकू सहित उसके पृथ्वीपुरा निवासी साथियों के खिलाफ भी मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।
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