न हेलीकॉप्टर, न लग्जरी कार, फिर भी वायरल हो गई बारात, 32 बैलगाड़ी से ससुराल पहुंचा दूल्हा

न हेलीकॉप्टर, न लग्जरी कार, फिर भी वायरल हो गई बारात, 32 बैलगाड़ी से ससुराल पहुंचा दूल्हा


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Unique Wedding: आज की आधुनिक लग्जरी शादियों के बीच पन्ना में निकली ये बारात मिसाल है. अजयगढ़ बस स्टैंड से किशनपुर तक दो किलोमीटर का सफर तय करने वाली इस बारात ने पूरे पन्ना जिले में लोगों का ध्यान खींचा और सोशल मीडिया पर वायरल हो गई…

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पन्ना में बैलगाड़ी पर निकली बारात.

रिपोर्ट: आचार्य शिवकांत

पन्ना: मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में गजब बारात देखने को मिली. नजारे ने लाखों दिलों को छू लिया. आज के समय में जब बारातें लग्जरी कारों, हेलीकॉप्टरों और डीजे की धुन पर निकलती हैं, वहीं डॉ. विश्वकर्मा परिवार ने पुरानी परंपरा को अपनाकर मिसाल पेश की है. अजयगढ़ बस स्टैंड से दूल्हा करीब 30 बैलगाड़ियों की भव्य बारात लेकर निकला. 2 km का सफर तय कर दूल्हा और बाराती पारंपरिक अंदाज में किशनपुर ससुराल पहुंचे. रास्ते भर लोगों की भीड़ इस बारात को देखने के लिए उमड़ पड़ी.

जैसे ही यह अनोखी बारात गांव की सड़कों और गलियों से गुजरी, लोग रुक-रुककर इसे निहारते रहे. तमाम लोग इस नजारे की वीडियो बनाते रहे. दूल्हा पुरानी जमाने की पारंपरिक पोशाक पहने बैलगाड़ी पर विराजमान था. बारात में पुराने गाने गूंज रहे थे. ढोल-नगाड़ों की थाप लोगों के दिलों को छू रही थी. पूरे रास्ते में उत्साह का माहौल था. महिलाएं और बच्चे खिड़कियों से झांकते हुए इस दृश्य का आनंद ले रहे थे. पन्ना जिले में यह बारात न केवल आकर्षण का केंद्र बनी, बल्कि सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है.

न पेट्रोल-डीजल, न फिजूलखर्ची
दूल्हे के पिता डॉ. रामकरण विश्वकर्मा ने बताया, “बैलगाड़ी हमारी पुरानी परंपरा और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रही है. पहले के समय में लोग इसी तरह बारात निकालते थे. इसमें न पेट्रोल-डीजल का खर्च है, न ही फिजूलखर्ची. हमने सोचा कि आधुनिक दौर में भी इस परंपरा को जीवित रखना चाहिए. इससे पर्यावरण भी सुरक्षित रहता है और हमारी जड़ों से जुड़ाव बना रहता है.” परिवार के सदस्य पप्पू विश्वकर्मा ने कहा, “इस पुरानी परंपरा से हमारे गौवंश का महत्व बढ़ेगा. गाय और बैल हमारी संस्कृति के प्रतीक हैं. अगर लोग इस तरह की परंपराएं अपनाएं तो फालतू खर्च भी बचेगा और पर्यावरण प्रदूषण भी कम होगा.”

यादगार शादी
यह शादी सिर्फ एक विवाह नहीं, बल्कि एक संदेश भी है. डॉ विश्वकर्मा परिवार ने साबित कर दिया कि सादगी और परंपरा में भी खुशियां मनाई जा सकती हैं. पूरा अजयगढ़ क्षेत्र इस अनोखी बारात की चर्चा में डूबा है. स्थानीय लोग कह रहे हैं कि ऐसी शादियां यादगार होती हैं और आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा देती हैं.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें



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