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Sidhi News: डॉक्टर अखिलेश खरे ने लोकल 18 से कहा कि पांच साल तक के बच्चे इन दिनों सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं, इसलिए माता-पिता को बिल्कुल सावधान रहने की जरूरत है. अस्पतालों में मरीजों (बच्चों) की संख्या करीब दोगुनी हो गई है.
सीधी. मध्य प्रदेश में मौसम बदलते ही लोगों की सेहत पर असर साफ दिखने लगा है, खासकर छोटे बच्चों में सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. पहले मार्च के महीने में हल्की गर्मी रहती थी लेकिन इस बार तापमान अचानक बढ़ गया है, जिससे बच्चों की सेहत पर इसका सीधा असर पड़ा है. अस्पतालों में भी बच्चों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. डॉक्टरों के अनुसार, मौसम के अचानक बदलने से बच्चों की इम्युनिटी कमजोर पड़ जाती है, जिससे वे जल्दी बीमार हो जाते हैं. यही वजह है कि इन दिनों अस्पतालों में बच्चों के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अखिलेश खरे ने लोकल 18 जानकारी देते हुए बताया कि मौसम बदलते समय वायरस ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं. तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव होने पर बच्चों का शरीर तुरंत खुद को एडजस्ट नहीं कर पाता. छोटे बच्चों की इम्युनिटी पूरी तरह विकसित नहीं होती, इसलिए उन्हें नए वायरस से लड़ने में ज्यादा समय लगता है. इसी कारण इन दिनों बच्चों में जुकाम, खांसी और बुखार की शिकायतें ज्यादा देखने को मिल रही हैं.
डॉक्टर अखिलेश खरे ने कहा कि पांच साल तक के बच्चे इन दिनों सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं, इसलिए माता-पिता को खास सतर्क रहने की जरूरत है. अस्पतालों में मरीजों (बच्चों) की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है. पहले जहां रोज करीब 20 बच्चे इलाज के लिए आते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर करीब 40 तक पहुंच गई है. डॉक्टर के अनुसार, जब तापमान अचानक बदलता है, तो नाक के अंदर मौजूद झिल्ली सूखने लगती है. इससे शरीर की प्राकृतिक सुरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है और धूल और वायरस आसानी से शरीर के अंदर प्रवेश कर जाते हैं. तापमान ज्यादा बढ़ने पर सांस की नलियां भी सिकुड़ने लगती हैं, जिससे बच्चों को खांसी और सांस लेने में परेशानी हो सकती है. यही वजह है कि छोटे बच्चों में इस तरह की समस्याएं ज्यादा सामने आ रही हैं.
विटामिन सी से भरपूर फल खिलाएं
डॉक्टर खरे ने कहा कि ऐसे मौसम में बच्चों की इम्युनिटी मजबूत रखना बेहद जरूरी है. इसके लिए बच्चों के खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए. उन्हें संतरा, नींबू और मौसमी जैसे विटामिन सी से भरपूर फल जरूर खिलाने चाहिए. इसके अलावा बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाना भी जरूरी है ताकि शरीर में पानी की कमी न हो और डिहाइड्रेशन से बचाव हो सके.
साफ-सफाई का रखें विशेष ध्यान
डॉक्टर अखिलेश खरे ने यह भी सलाह दी है कि बच्चों को एकदम से एसी वाले कमरे से बाहर तेज गर्मी में न ले जाएं. अचानक तापमान में बदलाव भी बच्चों के बीमार पड़ने की एक बड़ी वजह बन सकता है. साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना भी जरूरी है. डॉक्टर अखिलेश खरे के अनुसार, बाहर से घर आने के बाद बच्चों के हाथ कम से कम 20 सेकंड तक साबुन से जरूर धुलवाने चाहिए. इससे कई तरह के संक्रमण से बचाव हो सकता है. कुल मिलाकर सही खानपान, साफ-सफाई और थोड़ी सावधानी बरतकर इस बदलते मौसम में बच्चों को काफी हद तक बीमारियों से बचाया जा सकता है.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.