बालाघाट में 4000 शिक्षकों को देनी होगी ‘अग्नि परीक्षा’, नाराज गुरुजी भी बना रहे ये प्लान

बालाघाट में 4000 शिक्षकों को देनी होगी ‘अग्नि परीक्षा’, नाराज गुरुजी भी बना रहे ये प्लान


Last Updated:

MP Teacher News: मध्य प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को आधार बनाकर 2009 के पहले के नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल होने का आदेश दिया है. नोटिफिकेशन से हड़कंप मचा हुआ है. बालाघाट में करीब 4000 शिक्षक इस आदेश से प्रभावित होंगे. जानें क्या कहा….

Balaghat News: मध्य प्रदेश में अब प्राइमरी और मिडिल स्कूल में पढ़ाने वाले डेढ़ लाख शिक्षकों की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है. हाल ही में स्कूल शिक्षा विभाग ने ये नोटिफिकेशन जारी किया है. इस आदेश के मुताबिक, जिन टीचर्स की नौकरी शिक्षा का अधिकार अधिनियम यानी RTE के लागू होने यानी साल 2009 से पहले हुई थी, उन्हें नौकरी जारी रखने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा देनी पड़ेगी. अब लोक शिक्षक संचालनालय ने आदेश जारी कर अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे उन टीचर्स को चिह्नित कर उन्हें परीक्षा में शामिल होने की सूचना दें. यह परीक्षा इस साल जुलाई-अगस्त में हो सकती है.

शिक्षकों की गरिमा से खिलवाड़
लोकल 18 की टीम ने बालाघाट के शिक्षकों से इस मामले में बातचीत की. उनका कहना है कि बालाघाट से करीब 4000 शिक्षक प्रभावित होंगे. सरकार शिक्षकों की गरिमा के साथ खिलवाड़ कर रही है. ऐसे में सरकार को ये ख्याल में रखना चाहिए कि इन्हीं शिक्षकों ने बच्चों का भविष्य उज्जवल करने की आधारशिला रखी है. बात पास या फेल की नहीं है. बात गुरु की गरिमा की है. तमाम शिक्षकों के रिटायरमेंट का समय आ रहा है. उनकी परीक्षा लेना ठीक नहीं है. सरकार को इस पर सोचना चाहिए.

सरकार को पुनर्विचार याचिका दायर करनी चाहिए
मामले में आजाद अध्यापक संघ के पदाधिकारी आशीष बिसेन ने भी सरकार के फैसले पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करनी चाहिए थी. देश के कुछ अन्य राज्यों में भी ऐसे मामलों में राज्य सरकारों ने न्यायालय में पुनर्विचार याचिका प्रस्तुत की है, लेकिन मध्य प्रदेश सरकार ने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया. सीधे विभाग को पात्रता परीक्षा आयोजित करने के निर्देश दे दिए. उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षक संगठन जल्द ही इस मुद्दे पर शिक्षकों की बैठक आयोजित करेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे. अगर जरूरत पड़ी तो आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जा सकता है.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का बनाया आधार
राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश आधार बनाया है. इसमे सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक, शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पहले चुने गए शिक्षकों को दो साल के भीतर परीक्षा देनी होगी. इसमें उन शिक्षकों को शामिल किया गया है, जिनके रिटायरमेंट को 5 साल से ज्यादा का समय बचा हुआ है. अगर इस परीक्षा को वह टीचर पास नहीं कर पाता है, तो उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ सकती है.

About the Author

Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

img

खबरें पढ़ने का बेहतरीन अनुभव

QR स्कैन करें, डाउनलोड करें News18 ऐप या वेबसाइट पर जारी रखने के लिए यहां क्लिक करें

QR Code



Source link