मंडला के सरकारी महिला कॉलेज में बीए सेकंड ईयर के सप्लीमेंट्री रिजल्ट के बाद हंगामा खड़ा हो गया है। करीब 17-18 छात्राएं फेल हो गई हैं, जिनमें से 9 छात्राएं इतिहास विषय की हैं। कुछ छात्राओं को तो जीरो नंबर मिले हैं, जिससे कॉलेज की पढ़ाई और कॉपियां चेक कर
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फेल हुई छात्राओं ने कॉपियों की जांच को गलत बताया है। उनका कहना है कि कॉलेज में इतिहास की क्लास ही नहीं लगती और न ही उन्हें पढ़ने के लिए जरूरी किताबें या नोट्स दिए गए। छात्राओं का आरोप है कि ठीक से पढ़ाई न होने की वजह से उनके नंबर ऐसे आए हैं और यह उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
कॉलेज के प्रिंसिपल की सफाई
कॉलेज के प्रिंसिपल शरदनारायण खरे का कहना है कि कॉलेज में सभी विषयों की पढ़ाई रेगुलर होती है। उन्होंने बताया कि इस साल करीब 250 छात्राओं ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 91 की सप्लीमेंट्री आई थी। अब सप्लीमेंट्री परीक्षा में इतिहास की 9 छात्राओं समेत कुल 17-18 छात्राएं फेल हुई हैं। इनमें से केवल 3-4 छात्राएं ही ऐसी हैं जिन्हें जीरो नंबर मिले हैं।
छात्राओं अपने रिजल्ट को लेकर परेशान हैं।
यूनिवर्सिटी भेजी जाएंगी शिकायतें
प्रिंसिपल ने साफ किया कि कॉपियां चेक करना और रिजल्ट निकालना यूनिवर्सिटी का काम है। जिन छात्राओं को अपने रिजल्ट पर शक है, उनके आवेदन ले लिए गए हैं। इन आवेदनों को यूनिवर्सिटी भेजा जा रहा है ताकि कॉपियों की दोबारा जांच हो सके। अगर जांच में कोई गलती मिलती है, तो उसे ठीक किया जाएगा।
फिलहाल कॉलेज मैनेजमेंट ने इसकी जानकारी अफसरों को दे दी है और छात्राओं को मन लगाकर पढ़ने की सलाह दी है। अब देखना होगा कि यूनिवर्सिटी की जांच में क्या निकलकर आता है।
