भोपालवासियों को हो सकती है परेशानी, ये 6 प्राइवेट अस्पताल होंगे बंद!

भोपालवासियों को हो सकती है परेशानी, ये 6 प्राइवेट अस्पताल होंगे बंद!


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Bhopal News: मध्य प्रदेश के भोपाल में 1 अप्रैल से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ सकता है, क्योंकि शहर के 6 प्राइवेट अस्पताल बंद होने की कगार पर हैं. इन अस्पतालों ने अपने जरूरी लाइसेंस का समय पर रिन्यूअल नहीं कराया है. अगर 31 मार्च तक लाइसेंस रिन्यू नहीं हुआ, तो अस्पतालों की सर्विस बंद करनी पड़ेगी.

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6 प्राइवेट हॉस्पिटल जल्द ही हो सकते हैं बंद

Bhopal Private Hospital: भोपाल जल्द में स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ सकता है. जानकारी के अनुसार, राज्य की राजधानी के छह निजी अस्पताल 1 अप्रैल से बंद हो सकते हैं. यह फैसला इसलिए लिया जा रहा है क्योंकि इन अस्पतालों ने अपने जरूरी लाइसेंस का रिन्यूअल समय पर नहीं कराया है. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) द्वारा बुधवार को जारी नोटिस में कहा गया है कि अगर इन अस्पतालों ने 31 मार्च तक अपना लाइसेंस रिन्यू नहीं कराया, तो उन्हें संचालन बंद करना पड़ेगा. जिन अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें लालघाटी स्क्वायर स्थित जहरा हॉस्पिटल, मोतिया तालाब रोड का सरदार पटेल हॉस्पिटल, कैपिटल पेट्रोल पंप के पास राय हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, BDA कॉलोनी का हेल्थ केयर हॉस्पिटल, कोलार रोड के दानिश कुंज इलाके में स्थित भगवती गौतम हॉस्पिटल और सोनागिरी पिपलानी पेट्रोल पंप के पास सचिन ममता हॉस्पिटल शामिल हैं.

सभी अस्पतालों को भेजा नोटिस
CMHO डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि इन सभी अस्पतालों को पहले ही नोटिस भेजकर चेतावनी दी गई है. उन्होंने कहा कि अगर ये अस्पताल 31 मार्च के बाद भी बिना वैलिड लाइसेंस के काम करते पाए गए, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने यह भी बताया कि इन अस्पतालों ने नर्सिंग होम एक्ट के नियमों के अनुसार रिन्यूअल के लिए आवेदन जमा नहीं किया है.

इस खबर के बाद भोपाल के लोगों में चिंता बढ़ गई है, क्योंकि इन अस्पतालों पर कई इलाकों के लोग इलाज के लिए निर्भर रहते हैं. अगर ये अस्पताल बंद होते हैं, तो स्थानीय लोगों को इलाज के लिए दूसरी जगह जाना पड़ सकता है. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, लाइसेंस रिन्यूअल का प्रोसेस बहुत जरूरी होता है. इससे यह कंफर्म किया जाता है कि अस्पतालों में सही इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर सुविधाएं और मरीजों के इलाज के लिए जरूरी चीजें मौजूद हों.

रिन्यूअल के लिए आवेदन
अधिकारियों के अनुसार, इन अस्पतालों को करीब ढाई महीने पहले ही रिन्यूअल के लिए आवेदन करने का समय दिया गया था, लेकिन उन्होंने नेशनल हेल्थ सर्विसेज़ (NHS) पोर्टल पर आवेदन जमा नहीं किया. मध्य प्रदेश नर्सिंग होम्स एंड क्लीनिक्स एक्ट, 1973 के तहत बिना वैलिड रजिस्ट्रेशन के कोई भी प्राइवेट अस्पताल संचालित नहीं किया जा सकता है. लाइसेंस CMHO ऑफिस द्वारा 3 साल के समय के लिए जारी किया जाता है, जो हर तीन साल में रिन्यूअल करना जरूरी होता है.

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Deepti Sharma

Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें



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