अनूपपुर जिले की बिजुरी पुलिस ने साइबर ठगी का शिकार हुई एक युवती के पैसे वापस दिलाने में मदद की। पुलिस की सक्रियता से पीड़िता के खाते से उड़ाए गए 88,825 रुपयों में से 60,000 रुपए वापस मिल गए हैं। गुरुवार को कोर्ट ने बैंक को यह रकम पीड़िता को लौटाने का आदेश दे दिया है। बिजुरी की रहने वाली नियती देवानी 14 जनवरी को साइबर ठगों के जाल में फंस गई थीं। जालसाजों ने ऑनलाइन धोखाधड़ी के जरिए उनके बैंक अकाउंट से कुल 88,825 रुपए निकाल लिए थे। नियती ने तुरंत इसकी शिकायत बिजुरी थाने में दर्ज कराई। पुलिस की फुर्ती से रुकी रकम पुलिस ने सबसे पहले साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर केस दर्ज कराया और उस बैंक खाते को फ्रीज (बैन) करवा दिया, जिसमें ठगी के पैसे भेजे गए थे। इस तत्परता की वजह से 60,000 रुपए ठगों के हाथ लगने से पहले ही सुरक्षित कर लिए गए। ‘गोल्डन ऑवर’ का महत्व थाना प्रभारी ने बताया कि साइबर अपराध के मामलों में शुरुआत के कुछ घंटे यानी ‘गोल्डन ऑवर’ सबसे अहम होते हैं। अगर पीड़ित व्यक्ति ठगी होते ही तुरंत जानकारी दे देता है, तो पैसा वापस मिलने की उम्मीद बढ़ जाती है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब कोर्ट ने यह पैसा नियती को वापस देने का फैसला सुनाया है। पुलिस की जरूरी सलाह पुलिस ने आम लोगों को सावधान रहने के लिए कुछ जरूरी बातें कही हैं- किसी भी अनजान कॉल या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। अपना बैंक ओटीपी (OTP), पिन या पासवर्ड कभी किसी को न बताएं। अगर ठगी हो जाए, तो बिना देर किए हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
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