ICC ने वेस्टइंडीज के 1खिलाड़ी और 2 टीम ऑफीशियल पर लगा बैन

ICC ने वेस्टइंडीज के 1खिलाड़ी और 2 टीम ऑफीशियल पर लगा बैन


नई दिल्ली. टी-20 क्रिकेट में अक्सर एक बात का बड़ा डर रहता है कि कहीं कोई उस बोतल को ना खोल दे जिसमें फिक्सिंग का जिन्न बंद बड़ा रहता है और वो इस ताक में रहता है कि कोई खिलाड़ी आए और ढक्कन को खोल दे ताकि वो फिर से मैदान पर अपनी काली छाया फैला सके. इस बार ये बोतल खुली कैरेबियन द्वीप पर जहां खिलाड़ी के साथ साथ टीम के मालिक भी इस काली छाया में फंसते नजर आए.

वेस्टइंडीज के क्रिकेटर जेवॉन सियरल्स भ्रष्टाचार निरोधक नियमों के उल्लंघन का दोषी पाए जाने के बाद आीसीसी  ने निलंबित कर दिया है. यह मामला 2023/24 में बारबाडोस में खेले गए Bim10 लीग से जुड़ा है. इस मामले में केवल खिलाड़ी ही नहीं बल्कि टीम से जुड़े दो अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है. ICC की जांच में मैच फिक्सिंग से जुड़े कई गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिसके बाद तीनों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है और उन्हें आरोपों का जवाब देने के लिए 14 दिन का समय दिया गया है.

वेस्टइंडीज का खिलाड़ी मैच फिक्सिंग का दोषी पाया गया
ICC की ओर से जारी बयान के अनुसारजेवॉन सीर्ल्स के साथचितरंजन राठौड़ और ट्रेवॉन ग्रिफिथ को भी एंटी-करप्शन कोड के कई प्रावधानों के उल्लंघन का दोषी पाया गया है. जहां ग्रिफिथ पर  क्रिकेट वेस्टइंडीज  के एंटी-करप्शन कोड के तहत एक आरोप लगाया गया है, वहीं टाइटंस टीम के मालिक राठौड़ पर तीन आरोप हैं. इसके अलावा सियरल्स पर कुल चार आरोप लगाए गए हैं. इससे पहले अमेरिका के स्टार खिलाडी एरॉन जोंस को भी इसी मामले में निलंबित किया जा चुका है.

तीनों पर लगे गंभीर आरोप
Article 2.1.1 का उल्लंघन –
Bim10 टूर्नामेंट 2023/24 के दौरान मैच के नतीजे, प्रगति, आचरण या किसी भी पहलू को अनुचित तरीके से प्रभावित करने या मैच फिक्स करने की कोशिश करना या ऐसी किसी साजिश का हिस्सा बनना.

Article 2.1.4 का उल्लंघन –
खिलाड़ियों या खिलाड़ी सहयोगी स्टाफ को एंटी-करप्शन कोड के तहत अपराध करने के लिए उकसाना, निर्देश देना, प्रोत्साहित करना या मदद करना.

Article 2.4.4 का उल्लंघन –
संभावित भ्रष्टाचार से जुड़ी जांच में नामित एंटी-करप्शन अधिकारी द्वारा की गई उचित जांच में सहयोग करने से इनकार करना या सहयोग न करना.

सियरल्स और ग्रिफिथ पर अतिरिक्त आरोप
Article 2.4.2 का उल्लंघन –
किसी भी ऐसे प्रस्ताव या संपर्क की जानकारी Cricket West Indies को न देना जो एंटी-करप्शन कोड का उल्लंघन हो सकता था.

ग्रिफिथ पर एक और गंभीर आरोप
Article 2.4.7 (ICC Code) का उल्लंघन –
एंटी-करप्शन यूनिट (ACU) की जांच में बाधा डालना, संबंधित जानकारी छिपाना या उसमें छेड़छाड़ करना जिससे जांच प्रभावित हो सकती थी.

तीनों आरोपियों को 11 मार्च से अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है और उन्हें आरोपों का जवाब देने के लिए 14 दिनों का समय दिया गया है. इस मामले ने एक बार फिर क्रिकेट में भ्रष्टाचार के खतरे को उजागर कर दिया है और अब सभी की नजर ICC की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है.



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