स्कूल में फीस बकाया होने पर कक्षा 9वीं की छात्रा को परीक्षा में नहीं बैठाने पर हंगामा हो गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारी स्कूल पहुंच गए। स्कूल में जिला शिक्षा अधिकारी को बुलाया। काफी देर हंगामे के बाद स्कूल प्रिंसिपल ने लिखित में माफी मांगी। फिर छात्रा को परीक्षा देने बैठाया। मामला शहर के काट्जू नगर स्थित श्री जैन एकेडमी हाई स्कूल का है। अभाविप के प्रांत कार्यकारिणी सदस्य व रतलाम भाग संयोजक चेतन गुर्जर ने बताया कि हमें शुक्रवार दोपहर स्कूल में 10 विद्यार्थियों की स्कूल फीस बकाया होने पर परीक्षा में नहीं बैठाने की जानकारी मिली। स्कूल पहुंच इस बात का विरोध जताया। फीस बाकि होने पर परीक्षा से किसी भी विद्यार्थी को वंचित नहीं किया जा सकता। हंगामे की सूचना पर डीईओ अनिता सागर, जितेंद्र जोशी भी पहुंचे। स्कूल प्रिंसिपल से बात की। प्रिंसिपल ने कहा कि कई बच्चों की फीस बाकि है। स्कूल के स्टाफ व अन्य सुविधाएं भी स्कूल को देखना पड़ती है। ऐसे में विद्यार्थियों को फीस के लिए कहना पड़ता है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है फीस को लेकर किसी भी विद्यार्थी को परीक्षा में बैठने से मना किया जा सकता। अभाविप पदाधिकारियों स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रिंसिपल ने मांगी माफी बाद में स्कूल प्रिंसिपल ज्योति जैन ने लिखित में माफी मांगी। प्रिंसिपल ने लिखा कि हमसे गलती हो गई थी। हमारा उद्देश्य किसी भी छात्र को नुकसान पहुंचाना नहीं था। फिर भी इस घटना से छात्र और आप सभी को जो असुविधा हुई उसके लिए हमें खेद है। हम अपनी गलती के लिए क्षमा प्रार्थी है। आगे भी इस बात का ध्यान रखा जाएगा। ऐसा व्यवहार नहीं किया जाएगा। इसके बाद डीईओ ने भी जिले के सभी स्कूलों के लिए एक लेटर जारी किया। जिसमें बकाया फीस होने पर किसी भी छात्र को परीक्षा से रोकने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। कार्रवाई करेंगे- डीईओ जिला शिक्षा अधिकारी अनिता सागर ने बताया कि एक छात्रा को परीक्षा में बैठने नहीं दिया। स्कूल प्रिंसिपल को समझाया है। फीस के अभाव में कोई भी स्कूल विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठने से नहीं रोक सकता। आगे से कोई शिकायत मिलती है तो संबंधित स्कूल पर कार्रवाई की जाएगी।
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