सर्वाइकल कैंसर की HPV वैक्सीन रामबाण या हानिकारक, एक्सपर्ट डॉक्टर ने खोला राज

सर्वाइकल कैंसर की HPV वैक्सीन रामबाण या हानिकारक, एक्सपर्ट डॉक्टर ने खोला राज


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HPV Vaccination: डॉ कुलदीप गुप्ता ने कहा कि अंग्रेजी में एक कहावत है, ‘प्रिवेंशन इज बेटर दैन क्योर’, यानी इलाज से बेहतर बचाव है. एचपीवी वैक्सीन को लेकर भ्रम की स्थिति नहीं बननी चाहिए. इस वैक्सीन से बच्चियों और महिलाओं का भविष्य सुरक्षित होगा.

भोपाल. सर्वाइकल कैंसर से महिलाओं और बच्चियों को बचाने के के लिए केंद्र सरकार ने बीते 28 फरवरी से ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (Human Papilloma Virus) टीकाकरण की शुरुआत की थी. इसी बीच देश-दुनिया में इस वैक्सीन को लेकर असुरक्षित और बच्चियों के स्वस्थ के लिए बुरा भी बताया जा रहा है. इस बीच मध्य प्रदेश के डबरा में HPV वैक्सीन लगने के बाद पांच बच्चियों की तबीयत बिगड़ने से इस टीकाकरण को लेकर डर और कई बड़े सवाल खड़े होने लगे हैं. दरअसल एचपीवी से होने वाले सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने 14 साल तक की बच्चियों के लिए मुफ्त टीकाकरण शुरू तो कर दिया लेकिन होली बीत जाने के बाद भी ये वैक्सीनेशन धीमी रफ्तार से चल रहा है. इस बीच बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि क्या इस वैक्सीन से डरना जरूरी है. इसको लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के डॉक्टर नेटवर्क से जुड़े डॉ कुलदीप गुप्ता लोकल 18 को बताते हैं कि ह्यूमन पैपिलोमा वायरस एक इंफेक्टिव एजेंट है, जिसके कारण सर्वाइकल कैंसर होता है.

उन्होंने कहा कि सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय के निचले हिस्से में जो सर्विसिस पार्ट है, उसमें होने वाला कैंसर है. देशभर में यह कैंसर बहुत बड़ी संख्या में होता है. ब्रेस्ट कैंसर के बाद महिलाओं में सबसे ज्यादा सर्वाइकल कैंसर के केस पाए जाते हैं. डॉ गुप्ता के मुताबिक, विश्व में अकेला सर्वाइकल कैंसर ही ऐसा कैंसर है, जिससे वैक्सीन लगाकर बचा जा सकता है. सरकार इस एचपीवी वैक्सीन से लेकर चाइल्ड हेल्थ और रिप्रोडक्टिव हेल्थ में सुधार लाना चाहती है. वह आगे कहते हैं कि देखिए भ्रम की स्थितियां हर जगह बनती हैं. कोविड वैक्सीन के समय भी भ्रम फैलाया गया था. उससे पहले एक बहुत बड़ी बीमारी हुआ करती थी पोलियो की बीमारी. पल्स पोलियो अभियान शुरू हुआ था, तब भी गलत बातें कही गई थीं लेकिन अब देखिए 2011 के बाद से पोलियो देश से एलिमिनेट हो गया है. कुल मिलाकर देश में टीकाकरण से गंभीर बीमारी से बचाव होता है और रिस्क कम हो जाता है.

हर साल हजारों महिलाएं शिकार
एक आंकड़े के मुताबिक, भारत में हर साल लगभग 74 हजार से ज्यादा महिलाएं सर्वाइकल कैंसर का शिकार होती हैं. इसको लेकर डॉ कुलदीप गुप्ता कहते हैं कि अंग्रेजी में एक कहावत है कि प्रिवेंशन इज बेटर दैन क्योर, यानी इलाज से बेहतर बचाव माना जाता है. एचपीवी वैक्सीन को लेकर भ्रम की स्थिति नहीं बननी चाहिए. वैक्सीन से महिलाओं और बच्चियों का भविष्य सुरक्षित होगा. सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन लगाने से मृत्युदर में भी कमी आएगी.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



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