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Khandwa News: मंदिर के सेवक योगेश गुर्जर ने लोकल 18 से कहा कि उनके समाज के एक बुजुर्ग राम प्रसाद गुर्जर को बिजासन माता ने सपने में दर्शन दिए थे. माता ने बताया था कि वह नाले के किनारे विराजमान हैं. उन्हें किसी अच्छे स्थान पर स्थापित किया जाए.
खंडवा. मध्य प्रदेश के खंडवा शहर में माता चौक पर स्थित बिजासन माता का मंदिर भक्तों की आस्था का बड़ा केंद्र है. माना जाता है कि यह मंदिर 100 साल से भी ज्यादा पुराना है और पूरे जिले में यह मात्र एक ही बिजासन माता का मंदिर है. दूर-दूर से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं, खासकर नवरात्रि के समय मंदिर में भक्तों की बड़ी भीड़ देखने को मिलती है. मान्यता है कि यह स्वयंभू मंदिर है, जहां माता ने खुद एक भक्त को सपने में दर्शन देकर यहां विराजमान होने की बात कही थी. मंदिर के पुजारी राजेंद्र कुमार शर्मा लोकल 18 को बताते हैं कि वह पिछले 30 से 35 सालों से मंदिर में सेवा दे रहे हैं. बुजुर्गों के अनुसार, यह मंदिर 100 साल से भी ज्यादा पुराना है. कहा जाता है कि गुर्जर समाज के एक भक्त को माता ने सपने में दर्शन दिए थे. इसके बाद लोगों को माता की प्रतिमा मिली और फिर यहां मंदिर बनाकर स्थापना की गई. तभी से यह स्थान आस्था का बड़ा केंद्र बन गया.
वह बताते हैं कि इस मंदिर की सबसे पहले सेवा बिलंदर बाबा ने शुरू की थी, जो दादाजी महाराज के शिष्य बताए जाते हैं. उनकी भी संगमरमर की मूर्ति मंदिर में स्थापित है. स्थानीय लोगों के अनुसार, बिलंदर बाबा चमत्कारिक संत माने जाते थे. कहा जाता है कि वह दो रोटियों से हजारों भक्तों को भोजन करा देते थे, फिर भी भोजन बच जाता था. उनके जीवन से जुड़ी कई ऐसी बातें आज भी लोग श्रद्धा से सुनाते हैं.
आज भी जल रही अखंड ज्योत
मंदिर के सेवक योगेश गुर्जर लोकल 18 को बताते हैं कि उनके समाज के एक बुजुर्ग राम प्रसाद गुर्जर को माता ने सपने में दर्शन दिए थे. माता ने बताया था कि वह नाले के किनारे विराजमान हैं और उन्हें किसी अच्छे स्थान पर स्थापित किया जाए. इसके बाद राम प्रसाद गुर्जर ने वहां से माता की प्रतिमा उठाकर माता चौक पर स्थापित किया. तभी से इस जगह का नाम भी माता चौक पड़ गया. बताया जाता है कि मंदिर में उस समय से अखंड ज्योत जल रही है, जो आज तक कभी बुझी नहीं.
नवरात्रि में उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़
मंदिर में नवरात्रि के समय पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. इस दौरान 24 घंटे भक्तों का आना-जाना लगा रहता है और कई बार भंडारे भी आयोजित किए जाते हैं. श्रद्धालु यहां माता को नारियल, नींबू, लौंग और ध्वजा चढ़ाते हैं. स्थानीय लोगों का मानना है कि जो भी भक्त सच्चे मन से यहां मन्नत मांगता है, उसकी इच्छा जरूर पूरी होती है. इसी आस्था और मान्यता के कारण यह मंदिर आज भी खंडवा के लोगों के लिए एक खास धार्मिक धरोहर बना हुआ है.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.