मंदसौर जिले में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीनेशन के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर से एचपीवी वैक्सीन जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कलेक्टर अदिती गर्ग ने रथ को रवाना करते हुए कहा कि यह रथ जिले के विभिन्न गांवों में पहुंचकर लोगों को एचपीवी वैक्सीन के महत्व और इसके फायदे के बारे में जागरूक करेगा। इस अवसर पर कलेक्टर अदिती गर्ग ने कहा कि उन्होंने स्वयं एचपीवी वैक्सीन लगवाई है और इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है। उन्होंने बताया कि यह पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी टीका है, जो महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कलेक्टर ने अभिभावकों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रम में न आएं और अपनी बेटियों को यह टीका अवश्य लगवाएं। गांव-गांव जाकर जागरूक करेंगी “एचपीवी टीका मित्र”
जिले में एचपीवी वैक्सीन के प्रचार-प्रसार के लिए “एचपीवी टीका मित्र” बनाए गए हैं। ये नर्सिंग कॉलेज की छात्राएं हैं, जो गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क करेंगी और उन्हें इस वैक्सीन के प्रति जागरूक करेंगी। उन्होंने कहा कि इस टीके को लेकर समाज में सही जानकारी पहुंचाना बेहद जरूरी है, ताकि अधिक से अधिक बालिकाएं इसका लाभ ले सकें। 14 से 15 वर्ष की बालिकाओं को लगाया जा रहा टीका
कलेक्टर ने बताया कि जिले में 14 से 15 वर्ष की आयु वर्ग की बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगाई जा रही है। इसके लिए जिले में 10 वैक्सीनेशन केंद्र बनाए गए हैं, जहां नियमित रूप से टीकाकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टीका लगने के बाद केवल हल्का दर्द हो सकता है, जो अन्य टीकों की तरह सामान्य प्रक्रिया है। अधिकारियों को दिए जागरूकता बढ़ाने के निर्देश
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और अन्य माध्यमों से अभिभावकों तक एचपीवी वैक्सीन की सही जानकारी पहुंचाई जाए। साथ ही सभी फील्ड अधिकारी अपने-अपने कार्यालयों में एचपीवी वैक्सीन से संबंधित प्रचार सामग्री भी प्रदर्शित करें। अधिकारी अपने स्तर पर पात्र बालिकाओं को चिन्हित कर उनका वैक्सीनेशन सुनिश्चित करें, ताकि कम समय में अधिक से अधिक बच्चियों को इस टीके का लाभ मिल सके। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत अनुकूल जैन, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, नर्सिंग कॉलेज का स्टाफ, एचपीवी टीका मित्र मौजूद रहे।
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