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How To Make Fodder From Dry Straw: यूरिया में करीब 40 प्रतिशत नाइट्रोजन होती है और जब भूसे को यूरिया से उपचारित किया जाता है तो उसकी पचने की क्षमता और पोषकता कई गुना बढ़ जाती है. इससे पशुओं को कम मात्रा में भी बेहतर पोषण मिल जाता है. आइए डॉ. जितेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कैसे इस मौसम में हरे चारे की कमी को पूरा कर सकते हैं.
How To Make Fodder From Dry Straw: मध्य प्रदेश में गर्मी के मौसम में हरे चारे की कमी से पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. कई जगहों पर हरा चारा खत्म हो जाने से पशुओं के पोषण को लेकर चिंता बढ़ जाती है. ऐसे में किसान सूखे भूसे को यूरिया से उपचारित कर पौष्टिक चारा तैयार कर सकते हैं. पशु चिकित्सालय के उपसंचालक डॉ. जितेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि गर्मी के समय में हरे चारे की कमी होना आम बात है, लेकिन पशुपालकों को परेशान होने की जरूरत नहीं है. सूखे भूसे को यूरिया से उपचारित करके पशुओं के लिए अच्छा और पौष्टिक आहार तैयार किया जा सकता है. उनका कहना है कि सामान्य भूसा सूखा और कम पोषक होता है, लेकिन जब उसमें यूरिया मिलाया जाता है तो उसकी पौष्टिकता और पचने की क्षमता लगभग 50 से 60 प्रतिशत तक बढ़ जाती है. इससे पशु को पर्याप्त पोषण मिलता है और दूध उत्पादन में भी सुधार देखा जाता है.
डॉ. गुप्ता बताते हैं कि यूरिया से भूसे का उपचार करना एक आसान प्रक्रिया है, लेकिन इसमें सावधानी रखना बेहद जरूरी है. सबसे पहले 1 क्विंटल सूखे भूसे को चार बराबर हिस्सों में बांटकर छायादार स्थान पर रखना चाहिए. इसके बाद लगभग 4 किलो यूरिया को 50 लीटर पानी में मिलाकर घोल तैयार किया जाता है. इस घोल को भूसे पर छिड़कते हुए हाथ या किसी औजार की मदद से अच्छी तरह मिलाया जाता है, ताकि भूसे के सभी हिस्से समान रूप से गीले हो जाएं.
संतुलित आहार कैसे मिलेगा?
जब पूरा भूसा अच्छी तरह से घोल में मिल जाए, तब उसे ढेर बनाकर प्लास्टिक या तिरपाल से ढककर लगभग 21 दिनों तक रखा जाता है. निर्धारित समय पूरा होने के बाद यह भूसा यूरिया से उपचारित पौष्टिक चारे में बदल जाता है. हालांकि, इसे सीधे पशुओं को खिलाना ठीक नहीं होता है. पहले इस भूसे को लगभग एक घंटे तक छायादार जगह में फैलाकर रखना चाहिए, ताकि उसमें मौजूद गैस निकल जाए. इसके बाद ही इसे पशुओं को खिलाना सुरक्षित माना जाता है.
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर किसी पशु से सामान्य रूप से 2 लीटर दूध की अपेक्षा होती है तो यूरिया उपचारित चारा उसकी पोषण जरूरत को पूरा करने में मदद करता है. इसके साथ ही पशुओं को रोजाना लगभग 25 ग्राम नमक और 50 ग्राम खनिज मिश्रण देना भी जरूरी होता है, ताकि उन्हें संतुलित आहार मिल सके.
वैज्ञानिकों के अनुसार, ज्यादा दूध देने वाले पशुओं के लिए यह चारा और भी उपयोगी साबित होता है. हालांकि, ऐसे पशुओं की जरूरत के अनुसार चारे की मात्रा बढ़ानी पड़ती है. यह चारा सस्ता होने के साथ आसानी से उपलब्ध भी हो जाता है, जिससे किसानों का खर्च कम होता है और पशुओं की सेहत भी बेहतर रहती है. विशेषज्ञों की सलाह है कि यूरिया उपचारित चारा तैयार करने से पहले किसान अपने नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र या पशु चिकित्सक से सलाह जरूर लें. क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी पशुओं के लिए नुकसानदेह हो सकती है. सही मात्रा में यूरिया का उपयोग और चारे को सही तरीके से ढककर रखना बेहद जरूरी है.
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Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें