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Birla Fish Market: सतना की बिरला फिश मार्केट पिछले पांच दशकों से ज्यादा समय से नॉन-वेज प्रेमियों की पहली पसंद बनी हुई है. शाम होते ही यहां मछली, चिकन और मटन की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ पड़ती है. नदी की ताजी मछलियां, कई वैरायटी और किफायती दाम इस बाजार को शहर के सबसे पुराने और भरोसेमंद मीट मार्केट्स में शामिल करते हैं.
Birla Fish Market: मध्यप्रदेश के सतना शहर की पहचान बन चुकी बिरला फिश मार्केट पिछले पांच दशकों से भी अधिक समय से नॉन वेज खाने के शौकीनों के लिए खास जगह बनी हुई है. दोपहर के बाद जैसे ही यहां दुकानों की कतार सजती है वैसे ही शाम तक यह इलाका लोगों की आवाजाही से गुलजार हो जाता है. शहर के अलग अलग हिस्सों से लोग यहां ताजी मछली, चिकन और मटन खरीदने पहुंचते हैं. खास बात यह है कि इस मार्केट में मिलने वाली मछलियां ताजगी और उचित कीमत के लिए जानी जाती हैं. यही वजह है कि सालों पुरानी यह मार्केट आज भी शहर की सबसे लोकप्रिय मीट मार्केट में गिनी जाती है और हर दिन सैकड़ों ग्राहक यहां खरीदारी के लिए पहुंचते हैं.
1971 से लग रही है बिरला फिश मार्केट
लोकल 18 से बातचीत में यहां पुश्तों से मछली का व्यापार कर रहे मछुआरों के मुखिया श्रीकांत मल्लाह ने बताया कि बिरला फिश मार्केट की शुरुआत वर्ष 1971 में हुई थी. तब से लेकर आज तक यह बाजार लगातार यहीं संचालित हो रहा है. वर्तमान में इस मार्केट में लगभग 30 दुकानें लगती हैं जिनमें ज्यादातर दुकानों पर विभिन्न प्रकार की मछलियां बिकती हैं. यहां आने वाले ग्राहकों को एक ही जगह छोटी से लेकर बड़ी तक कई वैरायटी की मछलियां मिल जाती हैं. नदी से लाई गई ताजी मछलियों की वजह से इस बाजार की मांग लगातार बनी रहती है.
पीढ़ियों से चल रहा है मछली का कारोबार
बिरला फिश मार्केट केवल एक व्यापारिक स्थान ही नहीं बल्कि कई परिवारों की पीढ़ियों से जुड़ी आजीविका का केंद्र भी है. यहां कई व्यापारी ऐसे हैं जिनके पूर्वज भी इसी बाजार में मछली बेचते थे. श्रीकांत मल्लाह बताते हैं कि उनके पिता गामा प्रसाद मल्लाह वर्ष 1962 से ही यहां मछली बेचने का काम कर रहे थे जब यह इलाका पूरी तरह विकसित भी नहीं हुआ था. समय के साथ मार्केट का विस्तार हुआ और कई नए व्यापारी भी यहां जुड़े लेकिन आज भी पुराने परिवार इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं.
मछली के साथ चिकन और मटन की भी भरपूर बिक्री
यह बाजार भले ही फिश मार्केट के नाम से जाना जाता है लेकिन यहां चिकन और मटन की भी कई दुकानें संचालित होती हैं. व्यापारी धर्मेंद्र केवट बताते हैं कि बिरला मार्केट आने वाले ग्राहकों को नदी की ताजी मछलियों के साथ साथ चिकन और मटन भी आसानी से मिल जाता है. इसी वजह से कई लोग इसे बिरला मीट मार्केट के नाम से भी पहचानते हैं. अलग अलग वैरायटी और उचित कीमत के कारण यह बाजार शहर के नॉन वेज प्रेमियों के लिए पसंदीदा जगह बन चुका है.
शिफ्ट होने के बाद भी पुराने स्थान पर ही संचालित
नगर निगम द्वारा इस मीट मार्केट को शहर के बाहरी क्षेत्र मटेहना में शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया था और कई व्यापारियों ने वहां दुकानों के लिए पैसे भी जमा कर दिए हैं. हालांकि व्यापारियों का कहना है कि वहां ग्राहकों की पहुंच कम होने के कारण कारोबार प्रभावित हो सकता है. यही वजह है कि फिलहाल यह मार्केट अपने पुराने स्थान पर ही संचालित हो रही है जहां वर्षों से ग्राहक आसानी से पहुंचते रहे हैं.
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Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें