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Iran-Israel War Impact: अचानक से मार्केट में भट्ठियों का व्यापार चमक गया है. एक-एक दुकान से रोजाना 10-10-20-20 सिगड़ी और भट्टी खरीदी जा रही हैं. दुकानदारों ने अलग से कर्मचारी लगाकर इनका निर्माण करवा रहे हैं. अचानक से डिमांड आने की वजह से और शॉर्टेज होने पर इनके रेट भी दो गुना तक बढ़ गए हैं.
Iran-Israel War Impact: ईरान-इजरायल युद्ध के लिए आज 16वां दिन है और आगे यह युद्ध कब तक चलेगा किसी को कोई पता नहीं है और जब युद्ध का पता नहीं है तो यह भी माना जा रहा है कि गैस का संकट कब तक रहेगा यह भी कहा नहीं जा सकता. ऐसे में जिन लोगों ने चाय पान की गुमटियां बंद कर दी थी. होटल रेस्टोरेंट में ताला डाल दिया था. अब धीरे-धीरे करके वह कोयला और लकड़ी की भट्ठियों की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं. यही वजह है कि अचानक से मार्केट में भट्ठियों का व्यापार चमक गया है. एक-एक दुकान से रोजाना 10-10-20-20 सिगड़ी और भट्टी खरीदी जा रही हैं. दुकानदारों ने अलग से कर्मचारी लगाकर इनका निर्माण करवा रहे हैं. अचानक से डिमांड आने की वजह से और शॉर्टेज होने पर इनके रेट भी दो गुना तक बढ़ गए हैं. दुकानदारों का कहना है कि अगर दिन में चार पांच भट्टी भी बिक जाती थी तो यह हम लोगों के लिए बहुत बड़ी बात होती थी, लेकिन अब ऐसी कोई दुकान नहीं है जहां से रोजाना कम से कम 10 भट्टी ना खरीदी जा रही हो.
छोटी-छोटी सिगड़ी जो अक्सर तौर पर सर्दियों के दिनों में बिकती थी. वह 38 डिग्री टेंपरेचर मैं नॉर्मल समय से भी दोगुना चार गुना बिक रही है, जो 200 ढाई सौ की है और भाई 500-600 तक की लोग खरीद कर ले जा रहे हैं. बड़ी सिगड़ी 1200 वाली 2000 में 1500 वाली 2500 में और 2000 वाली 3000 बिक रही है. भट्टी बालों के मुताबिक, गर्मी के समय में हम लोगों की किस्मत चमक गई है.
25 साल से हार्डवेयर की दुकान चला रहे
नया बाजार में पिछले 25 साल से हार्डवेयर की दुकान चला रहे मोहम्मद जावेद ने बताया कि अभी गैस नहीं मिल रही है जिसकी वजह से मार्केट में रौनक देखी जा रही है क्योंकि युद्ध के बारे में किसी को पता नहीं है यह कब तक चलेगा और गैस नहीं होने से लोग दुकान कब तक बंद रखेंगे. इसलिए अब भट्टी खरीद रहे हैं रोजाना 10 से 15 है बड़ी और कम से कम 10 छोटी भट्टी और सिगड़ी बिक रही है. इसका असर जेब पर भी दिखाई देने लगा है और उनकी रेट बढ़ गए हैं.
महेश विश्वकर्मा ने बताया कि पिछले तीन दिन बाजार में इतनी भीड़ थी कि हर दुकान पर भट्टी वालों की भीड़ लगी हुई थी. इतनी डिमांड थी कि माल दे नहीं पा रहे थे इसकी वजह से ही रेट बढ़ गए हमने एक कर्मचारी लगाकर अलग से भट्टी बनवा रहे हैं हम खुद बनाते हैं दिन भर में 10 भट्टी बना लेते हैं.
वीरेंद्र विश्वकर्मा बताते हैं कि पहले दो भट्टी भी मुश्किल से बिकती थी लेकिन अब 10-15 बिक रही हैं. दिन भर में 10-12 में अकेला बना लेता हूं जितनी डिमांड आती जा रही हो ज्यादा से ज्यादा काम करने की कोशिश कर रहा. राज्य विश्वकर्मा बताते हैं कि चाय-नाश्ते की दुकान बालों के लिए तो सबसे ज्यादा जरूरत है और वही इनको खरीदने के लिए आ रहे हैं गैस की समस्या बढ़ते ही भट्टी की खरीदी तेज हो गई है दिन भर इसी को बनाने में लगा रहता हूं पिछले 5 दिन से यही हालत है. पहले तो यह बिकती ही नहीं थी काम बंद हो गया था.
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Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें