शाजापुर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने मंगलवार को मानसिक रूप से कमजोर नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी लखन मालवीय (25) को पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार दिया है। कचरा फेंकने गई नाबालिग का किया था अपहरण जिला मीडिया सेल प्रभारी प्रतीक श्रीवास्तव ने बताया कि घटना 20 अप्रैल 2025 की है। बेरछा निवासी पीड़ित बालिका कचरा फेंकने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने काफी तलाश के बाद अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बालिका मानसिक रूप से कमजोर होने के कारण खुद का बचाव करने में असमर्थ थी। आरोपी ने घर ले जाकर किया दुष्कर्म पुलिस जांच के दौरान बालिका को बरामद किया गया। पीड़िता ने अपने बयानों में बताया कि आरोपी लखन उसे बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया था, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चालान न्यायालय में पेश किया। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला लोक अभियोजन अधिकारी प्रदीप भटेले ने मामले में प्रभावी पैरवी की। साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने सुनाई सजा न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्यों और तर्कों को स्वीकार करते हुए आरोपी लखन पिता कन्हैयालाल मालवीय को पॉक्सो एक्ट की धारा 5(क)/6 में दोषी पाया। कोर्ट ने आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ-साथ अर्थदंड से भी दंडित किया है। फैसले के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
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