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बिहार की पहली महिला क्रिकेटर टीम अपूर्वा ने 2017 में शतक लगाई थी. अब बीसीसीआई के तरफ से ईस्ट जोन टीम में सिलेक्शन हुआ है.वही उनके इस सिलेक्शन से पूर्णिया ही नहीं बल्कि सीमांचल में खुशियों का माहौल है.वही अब अपूर्वा 24 मार्च से पांडुचेरी में महिला क्रिकेट लीग मुकाबला खेलेंगी
बिहार की पहली महिला क्रिकेटर टीम अपूर्वा ने 2017 में बिहार महिला टीम से शतक लगाने वाली महिला अपूर्वा को अब बीसीसीआई के तरफ से ईस्ट जोन टीम में सिलेक्शन हुआ है.वही उनके इस सिलेक्शन से पूर्णिया ही नहीं बल्कि सीमांचल में खुशियों का माहौल है.वही अब अपूर्वा 24 मार्च से पांडुचेरी में महिला क्रिकेट लीग मुकाबला खेलेंगी.
आपने एक कहावत अक्सर सुना होगा कि कहते है होनहार बीरबान के होते चिकने पात.यानी अगर करने का जुनून और मंजिल पाने की जिद्द आप बिना साधन और संसाधन में भी सफलता प्राप्त कर सकते है.दरअसल ऐसा ही कहानी पूर्णिया नगर निगम क्षेत्र के माधोपारा कॉपरेटिव कॉलोनी की रहने वाली अपूर्वा की है.जिन्होंने अपने मंजिल को पाने खातिर जीतोड़ मेहनत कर सफलता पाई.
अपूर्वा का बीसीसीआई के ईस्ट जोन टीम में सिलेक्शन
आपको पूरी सफलता की कहानी दरअसल पूर्णिया के माधोपारा के साधारण परिवार से रखने वाले अपूर्वा कुमारी की है. जिन्होंने लोकल 18 टीम से बताया कि उन्हें क्रिकेटर बनने का सपना और परिवार का पूरा सहयोग ने आज उन्हें सफलता दिलाई. जब वो शुरुआती दौर में क्रिकेट खेलने अपने भाई के साथ मैदान पर जाती थी तो उन्हें समाज के लोगों का ताने भी सुनना पड़ता था. जब कभी वो क्रिकेट खेलने से मना करती थी तो उनके भाई उन्हें समझा कर डांट फटकार कर ले जाते हैं. हालांकि अपूर्वा का के पिता पूर्णिया में ही प्राइवेट नौकरी करते है जबकि अपूर्वा की मा कुशल गृहिणी हैं.
बीसीसीआई के ईस्ट जोन टीम में चयन
हालांकि अपूर्वा कहती है कि पूर्णिया में महिला क्रिकेट टीम को खेलने का उपयुक्त साधन और सही ग्राउंड नहीं होने के साथ पुरुषों के बीच क्रिकेट खेल कर अपना प्रैक्टिस करती थीं.जबकि अपूर्वा कहती है कि सीमित साधन में खेल कर उन्होंने अपनी जगह महिला टीम में बनाई. वही BCCI (बीसीसीआई) की तरफ से अपूर्वा का चयन ईस्ट इंडिया जॉन टीम में चयन हुआ है.जबकि उन्होंने कहा कि बस उनका सपना अब इंडिया टीम के नेशनल खेलना और बिहार सहित देश भर का नाम रौशन करना ही है.
पिता करते प्राइवेट नौकरी माता कुशल गृहिणी
वहीं पूर्णिया की रहने वाली क्रिकेटर महिला अपूर्वा के माता सीमा देवी और पिता मनोज कुमार भाई आशीष चाचा संतोष कुमार,दादा प्रेम नारायण एवं बड़ा भाई दीपक कुमार सहित परिवार वालों ने अपूर्वा को बधाई देते हुए बताया कि यह मेहनत का फल मिलता जरूर है. उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.वही पूर्णिया क्रिकेट एसोसिएशन के कोच राजेश बैठा ने बताया कि बिहार झारखंड अलग होने के बाद पहली मैच महिला क्रिकेट टीम में बिहार की तरफ पहली सेंचुरी शतक लगाने वाली अपूर्वा थी. हालांकि उन्होंने कहा कि अपूर्वा ने नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए जिले के महिलाओं के लिए प्रेरणा भी बनी है.वही मौके पर मौजूद लोगों ने बीसीसीआई का बहुत बहुत आभार व्यक्त करते हुए अपूर्वा के हौसला को बढ़ाया.