पेंशन के दायरे में आने वाले कर्मचारियों के लिए नियम: खुद पेंशन साफ्टवेयर पर जानकारी अपलोड करेंगे, विभागीय जांच या कोर्ट केस पर 24 घंटे में एंट्री – Bhopal News

पेंशन के दायरे में आने वाले कर्मचारियों के लिए नियम:  खुद पेंशन साफ्टवेयर पर जानकारी अपलोड करेंगे, विभागीय जांच या कोर्ट केस पर 24 घंटे में एंट्री – Bhopal News




प्रदेश में एक जनवरी 2005 के पहले सरकारी नौकरी जॉइन करने वाले डेढ़ लाख अधिकारी कर्मचारी की पेंशन को लेकर वित्त विभाग ने ऑनलाइन व्यवस्था तय कर दी है। पेंशन नियमों में बदलाव करते हुए रिटायरमेंट के तीन माह पहले कर्मचारी अधिकारी को अपनी पेंशन जानकारी साफ्टवेयर पर अपलोड करने के अधिकार दिए गए हैं। पेंशन नियमों में यह व्यवस्था भी तय की गई है कि अगर किसी कर्मचारी अधिकारी के विरुद्ध विभागीय जांच चल रही है या कोर्ट में केस पहुंचा है तो इससे संबंधित आदेश जारी होने के 24 घंटे के भीतर पेंशन साफ्टवेयर में इसकी एंट्री पेंशन प्रस्तावक अधिकारी को करना होगी। वित्त विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अब पेंशन मामलों के निपटारे, भुगतान और संशोधन की प्रक्रिया को समयबद्ध और डिजिटल माध्यम से संचालित किया जाएगा। नियमों में कहा गया है कि जो कर्मचारी रिटायर होने वाला है वह खुद पेंशन साफ्टवेयर में अपनी आवश्यक जानकारी दर्ज कर सकेगा। अगर उसमें कोई गड़बड़ी है तो उसे पेंशन प्रस्तावक अधिकारी को सुधार के लिए कहेगा और इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। रिटायर होने वाले अफसर कर्मचारी द्वारा अपनी यह जानकारी रिटायर होने के तीन माह पहले की जा सकेगी। अगर कर्मचारी अधिकारी द्वारा जानकारी एंट्री नहीं की जाती है तो पेंशन साफ्टवेयर द्वारा पहले से दर्ज जानकारी के आधार पर प्रकरण जनरेट किया जाएगा और संबंधित कर्मचारी अधिकारी 15 दिन में इसका सत्यापन कर सकेंगे। पेंशन प्रस्तावक अधिकारी की जिम्मेदारी
नियमों में यह भी कहा गया है कि पेंशन प्रस्तावक अधिकारी द्वारा शासकीय सेवक की पेंशन पर असर डालने वाले मामलों जैसे वेतन निर्धारण, विभागीय जांच, न्यायालयीन प्रकरण, पूर्व सेवा की मान्यता, बाह्य सेवा अवधि व अवकाश अंशदान, शासकीय धन की बकाया राशि आवास किराए के संबंध में कार्यवाही की जा सकेगी। इस अधिकारी द्वारा ही प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। कर्मचारी अधिकारी के विरुद्ध विभागीय जांच होने या शासकीय कर्मचारी के विरुद्ध न्यायालय में केस होने की स्थिति में आदेश मिलने के बाद एक दिन में इसे साफ्टवेयर में दर्ज किया जाएगा। अगर कर्मचारी से वसूली की जाना है तो इस मामले में भी आदेश मिलने के बाद 24 घंटे में साफ्टवेयर में एंट्री की जाएगी। कर्मचारी लापता तो परिवार जन एफआईआर के बाद सूचना देंगे
वेतन निर्धारण संबंधी मामले में पेंशन प्रस्तावक अधिकारी द्वारा प्रकरण प्राप्त करने के बाद सात दिन में निराकरण किया जाएगा। संयुक्त संचालक कोष और लेखा अधिकारी द्वारा पहले से अनुमोदित किए जा चुके वेतन निर्धारण की फिर जांच नहीं की जाएगी। विभागीय जांच या कोर्ट में केस होने की स्थिति में प्रोविजनल पेंशन आदेश जारी किए जाएंगे।
अगर कोई अधिकारी कर्मचारी लापता है तो इसकी जानकारी उसकी पत्नी या पति द्वारा एफआईआर की सूचना के बाद पेंशन प्रस्तावक अधिकारी को दी जाएगी। नई व्यवस्था के अंतर्गत यदि किसी पेंशनधारक की मृत्यु हो जाती है तो परिवार को पारिवारिक पेंशन प्राप्त करने के लिए आवश्यक दस्तावेज तय फार्मेट में देना होंगे। इसके संबंधित अधिकारी 7 दिनों के भीतर पेंशन सॉफ्टवेयर में एंट्री करेंगे और कार्रवाई करेंगे। इसके अलावा पेंशन स्वीकृति, भुगतान और संशोधन से जुड़े आदेश अब सीधे अधिकृत बैंकों को भेजे जाएंगे जिससे भुगतान में देरी की संभावना कम होगी। यदि कोई गलती पाई जाती है, तो उसे पेंशन सॉफ्टवेयर में सुधार कर अपडेट किया जाएगा और आवश्यकतानुसार संशोधित आदेश जारी किए जाएंगे। नई गाइडलाइन में यह भी प्रावधान किया गया है कि पारिवारिक पेंशन के मामलों में पात्रता, दस्तावेजों की जांच और भुगतान की प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा ताकि लाभार्थियों को समय पर राशि प्राप्त हो सके। क्या है नया बदलाव? विभाग के अनुसार अब विभागों को सेवानिवृत्ति से पहले ही कर्मचारियों के पेंशन प्रकरण तैयार करने होंगे। इससे रिटायरमेंट के बाद पेंशन मिलने में देरी नहीं होगी। सभी आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन और प्रक्रिया पहले से पूरी करना अनिवार्य किया गया है। आवश्यक जानकारी समय पर पेंशन सॉफ्टवेयर में दर्ज करना होगा विभागीय अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई पूरी करनी होगी। अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी पेंशन प्रकरणों में देरी या गलती होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है। सभी स्तरों पर निगरानी और सत्यापन को अनिवार्य बनाया गया है ताकि किसी भी कर्मचारी को परेशानी न हो। नई व्यवस्था में पेंशन सॉफ्टवेयर के माध्यम से ऑनलाइन एंट्री और मॉनिटरिंग पर विशेष ध्यान दिया गया है। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और समय की बचत होगी। सरकार के इस कदम से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समय पर पेंशन मिलने की उम्मीद है। अब उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।



Source link