MP के एकमात्र गोकुल ग्राम से बाहर आया देसी इलाज, गाय-भैंस को अफरा चढ़े तो करें ये काम

MP के एकमात्र गोकुल ग्राम से बाहर आया देसी इलाज, गाय-भैंस को अफरा चढ़े तो करें ये काम


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एकमात्र गोकुल ग्राम से बाहर आया देसी इलाज, गाय-भैंस को अफरा चढ़े तो करें ये काम

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Animal Husbandry: अक्सर गाय-भैंस ज्यादा अनाज या पसंदीदा चारा खा लेते हैं, जिससे उनको अफरा चढ़ जाता है. अफरा की स्थिति कई बार जानलेवा साबित होती है. डॉक्टर के आने तक अगर आप कुछ उपाय कर लें तो पशु की जान बच सकती है. मध्य प्रदेश के एकमात्र गोकुल ग्राम से ये देसी उपचार बाहर आया है. जानें…

Animal Husbandry: गर्मी का मौसम शुरू होते ही चना, मसूर, मटर गेहूं जैसी फसलों की कटाई शुरू हो गई है. खेत खाली होने लगे हैं. दूसरी तरफ गाय-भैंस पालन करने वाले पशुपालक अपने मवेशियों को खुला छोड़ने लगे हैं. ये पशु इन्हीं खाली खेतों में पहुंचकर इन फसलों के बच्चे अवशेष को खाते हैं. इससे पशुपालकों का दिन भर का भूसा और दाना बच जाता है. लेकिन, कभी-कभी पशु ज्यादा अनाज या कोई बाहर ऐसी चीज खा लेते हैं, जिससे उनमें अफरा चढ़ जाता है. यानी पेट फूलने लगता है. इस वजह से उन्हें बेचैनी होती है. यहां तक की अगर पशुपालक ध्यान नहीं दे तो यह जानलेवा साबित हो जाता है. ऐसे में अगर किसी मवेशी को अफरा चढ़ गया तो क्या करें?

जानें ये देसी इलाज
कई बार तो डॉक्टर के पास जाने या उसको बुलाने तक में देर हो जाती है और पशु की जान खतरे में पड़ जाती है. ऐसे में एक उपाय बेहद कारगर है. ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की परेशानी खूब देखी जाती है, जहां कभी डॉक्टर अस्पताल में होते नहीं या कहीं दूर होते हैं या उनसे संपर्क नहीं हो पाता. इसकी वजह से पशुपालकों को समझ नहीं आता कि वह क्या करें तो पशुपालक इस रिपोर्ट में देसी और आयुर्वेद नुस्खा के बारे में जानें. इसको अपना कर किसान न सिर्फ अपने मवेशी की जान बचा सकते हैं, बल्कि उन्हें अफरा से तुरंत राहत भी मिलेगी.

गोकुल ग्राम का उपाय
सागर में मध्य प्रदेश का एकमात्र गोकुल ग्राम है. यहां पर 1946 से देसी प्रजाति की गायों का संवर्धन किया जा रहा है. इस केंद्र के प्रबंधक डॉ. राकेश गौतम बताते हैं कि जब पशु ज्यादा अनाज खा लेता है या एकदम से ज्यादा चारा मिल जाने परा अधिक खा लेने से उसे अफरा चढ़ जाता है. अगर अफरा कंफर्म हो गया तो बहुत ही सामान्य और आसान उपाय अपना सकते हैं, जिसे मवेशी को राहत मिलती है.

हींग का करें ऐसे इस्तेमाल
सबसे पहले किचन में रखी हींग को लें, जो चना के बराबर हो. इसको आधा लीटर गुनगुने पानी में डालकर घोल दें. ऐसा करने के बाद मवेशी को पिला दें. उसे तत्काल राहत मिलती है. उसके बाद डॉक्टर को सूचना दें या सूचना पहले भी दे सकते हैं, जब तक वह आएंगे और अपना मैन्युअल इलाज करेंगे, तब तक आप ये उपाय कर पशु को राहत पहुंचा सकते हैं.

ये उपाय तो अचूक
इसके अलावा देसी नुस्खा में अजवाइन, काली मिर्च, सौंफ, शॉप सौंठ, काला नमक, 10 ग्राम पपड़ी सोडा को ऐड कर लेंगे, जिसको अपना टेम्पिनिया बोलते हैं. यह इस समस्या का निराकरण कर देगा. यह एक अचूक उपाय है. यह कार्बाइन मिक्सर है, आयुर्वेदिक है और किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता है. इमरजेंसी में डॉक्टर जब तक आकर देखें तक इस उपाय से पशु को राहत दे सकते हैं.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें



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