अनूपपुर जिले की यातायात व्यवस्था को स्मार्ट और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से बुधवार को एसपी मोती उर रहमान ने ट्रैफिक पुलिस बल को अत्याधुनिक उपकरण दिए। इस नई पहल के तहत अब अनूपपुर की सड़कों पर तैनात जवान बॉडी वॉर्न कैमरों और सुरक्षा किट के साथ नजर आएंगे। एसपी ने बताया कि तकनीक के इस समावेश से पुलिसिंग में जवाबदेही तय होगी और विवादों की स्थिति में सटीक साक्ष्य उपलब्ध रहेंगे। बॉडी वॉर्न कैमरों से रिकॉर्ड होगी हर गतिविधि यातायात पुलिसकर्मियों को सौंपे गए इन कैमरों को वे अपनी वर्दी पर पहनेंगे। अक्सर चालानी कार्रवाई के दौरान पुलिस और वाहन चालकों के बीच होने वाली बहस या दुर्व्यवहार की शिकायतों को दूर करने के लिए यह कदम उठाया गया है। कैमरे में होने वाली रिकॉर्डिंग से पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष रहेगी और ड्यूटी के दौरान होने वाली हर बातचीत डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगी। रात की ड्यूटी के लिए लाइट बैटन और सेफ्टी जैकेट एसपी ने जवानों को विशेष रूप से रात की ड्यूटी और कोहरे के दौरान सुरक्षा के लिए लाइट बैटन, शोल्डर लाइट और रिफ्लेक्टिव सेफ्टी जैकेट वितरित किए। इन उपकरणों की मदद से वाहन चालक अंधेरे में भी पुलिस की मौजूदगी को दूर से देख सकेंगे, जिससे सड़क हादसों का खतरा कम होगा। साथ ही, नियम तोड़ने वाले वाहनों को मौके पर ही रोकने के लिए ‘व्हील लॉक’ भी उपलब्ध कराए गए हैं। तकनीक के साथ संवेदनशीलता बनाए रखने के निर्देश उपकरण वितरण के दौरान एसपी मोती उर रहमान ने स्पष्ट किया कि इन हाई-टेक साधनों का उद्देश्य कार्यक्षमता बढ़ाना और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है। उन्होंने जवानों को हिदायत दी कि तकनीक का उपयोग करते समय भी आम नागरिकों के साथ व्यवहार में संवेदनशीलता और विनम्रता बनाए रखें। जिला यातायात प्रभारी विनोद दुबे ने बताया कि इस डिजिटल बदलाव से भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म होगी और जनहित में बेहतर सेवाएं दी जा सकेंगी।
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