चित्रकूट में चैत्र अमावस्या के अवसर पर बुधवार को लाखों श्रद्धालु पहुंचे। सुबह से ही देश के विभिन्न हिस्सों से आए भक्तों ने मंदाकिनी नदी में स्नान किया। प्रशासन ने लगभग 1.50 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान लगाया है। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने सूर्य देव को अर्घ्य देकर दान-पुण्य किया। इसके उपरांत, उन्होंने भगवान कामतानाथ के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। भक्तों ने कामदगिरि पर्वत की पांच कोसीय परिक्रमा भी की। इस दौरान ‘जय श्री राम’ और ‘कामदगिरि भगवान की जय’ के जयघोष गूंजते रहे। श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मेले में 400 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। संपूर्ण व्यवस्था की कमान एडिशनल एसपी ग्रामीण प्रेमलाल कुर्वे को सौंपी गई है।पुलिस मुख्यालय से क्यूआरएफ की एक कंपनी, रीवा जोन के आईजी गौरव राजपूत की ओर से 100 जवान और 2 डीएसपी की सेवाएं भी ली गई हैं। एसडीओपी चित्रकूट राजेश बंजारे और डीएसपी ट्रैफिक संजय खरे भी ड्यूटी पर तैनात हैं। इसके अतिरिक्त, जिला पुलिस के पुरुष व महिला बल, होमगार्ड और एसडीईआरएफ के 250 जवान भी सुरक्षा व्यवस्था में लगे हैं।प्रमुख मंदिरों के गर्भगृह में तीन शिफ्टों में और शेष मेला क्षेत्र में दो पालियों में ड्यूटी लगाई गई है। मेला क्षेत्र में भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है और सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है।
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