जबलपुर में थमा LPG संकट, एजेंसी संचालक ने सुनाई बीते 18 दिन में पैनिक बुकिंग की गजब कहानी

जबलपुर में थमा LPG संकट, एजेंसी संचालक ने सुनाई बीते 18 दिन में पैनिक बुकिंग की गजब कहानी


Last Updated:

Jabalpur News: गैस एजेंसी संचालक नितिन ने बताया, गैस एजेंसी के बाहर 15 दिन से लंबी-लंबी लाइन लग रही थी. अब लाइन न के बराबर है. इन लाइनों में भी वह लोग शामिल हैं, जो LPG गैस बुकिंग की जानकारी लेने के लिए आ रहे हैं. हालात बिलकुल सामान्य हैं.

ख़बरें फटाफट

Jabalpur News: ईरान-इजरायल युद्ध को तकरीबन 18 दिन बीत चुके हैं. देशभर में एलपीजी गैस की किल्लत बनी हुई है. इसका असर न सिर्फ जबलपुर में बल्कि एमपी के कई जिलों में देखने को मिल रहा है. हालांकि, कुछ दिनों से लंबी-लंबी लाइन गैस एजेंसी के बाहर देखने को मिल रही थी. लोगों को गैस सिलेंडर की बुकिंग के लिए डेढ़ से 2 घंटे तक लाइन में लगकर अपनी बारी का लंबा इंतजार करना पड़ रहा था. लेकिन, अब हालात सामान्य नजर आ रहे हैं. लोकल 18 की टीम पहुंची जबलपुर के नेपियर टाउन स्थित इंडियन गैस एजेंसी पहुंची तो वहां बाहर चंद लोग ही नजर आ रहे थे. गैस एजेंसी संचालक नितिन मालिक ने जो बताया, जानिए…

18 दिन में हो गई 10 हजार सिलेंडर की डिलिवरी
नितिन ने बताया, गैस एजेंसी के बाहर 15 दिन से लंबी-लंबी लाइन लग रही थी. अब लाइन न के बराबर है. इन लाइनों में भी वह लोग शामिल हैं, जो LPG गैस बुकिंग की जानकारी लेने के लिए आ रहे हैं. हालात बिलकुल सामान्य हैं. घर-घर गैस सिलेंडर की बकायदा डिलीवरी हो रही है. पर्याप्त मात्रा में सिलेंडर का स्टॉक है. उन्होंने बताया एजेंसी से 30 दिन में तकरीबन 10 हजार सिलेंडर की खपत होती थी. लेकिन, इस बार 18 दिन में ही 10 हजार सिलेंडर डिलीवर किए जा चुके हैं. उन्होंने बताया इस दौरान अचानक से बुकिंग के चलते सर्वर में भी काफी दिक्कत बीच में देखने को मिली थी. एसएमएस भी कभी-कभी नहीं आ रहे थे, लेकिन अब सर्वर दोगुना क्षमता के साथ काम कर रहे हैं. जिसे अपडेट भी कर दिया गया है.

इसलिए हो गई पैनिक स्थिति
उन्होंने बताया इस दरमियान कुछ अनोखी चीज भी देखने को मिली. पिछले 10 साल मतलब 2016 से कुछ लोग गैस सिलेंडर रिफिल नहीं कर रहे थे. वह भी इस दौरान सिलेंडर लेने पहुंचे, जबकि कुछ उपभोक्ता ऐसे भी थे, जिनकी मौत हो चुकी थी, उनका कार्ड लेकर भी परिवार वाले गैस सिलेंडर बुकिंग करने पहुंचे थे. कुछ उपभोक्ता ऐसे भी रहे, जिनकी ई-केवाईसी भी पूरी नहीं हुई है. लेकिन, बार-बार एजेंसी आकर यही मांग कर रहे हैं कि गैस सिलेंडर मिल जाए. इस तरह से जिनके घरों में पहले से सिलेंडर भरे हुए हैं, बावजूद इसके स्टॉक करने के लिए एजेंसी पहुंच रहे थे, जिसके कारण इस तरीके की स्थिति बनी थी.

भीड़ के कारण शटर भी बंद करना पड़ा
आगे बताया, एजेंसी में सिलेंडर के लिए संघर्ष की लड़ाई भी देखने को मिली. जहां उपभोक्ता रुकना भी नहीं चाह रहा था और न ही बात समझाना चाह रहा था. सिर्फ और सिर्फ सिलेंडर लेने के लिए आतुर था. एजेंसी में बीच में ऐसी भी स्थिति बनी जहां पुलिस प्रोटेक्शन के लिए थाने से पुलिस का सहयोग लिया गया और बीच-बीच में एजेंसी का शटर भी बंद करना पड़ा, क्योंकि कुछ उपभोक्ता ऐसे भी थे जो बहस कर रहे थे. सुबह 8 बजे से लेकर रात के 10 बजे तक काम करना पड़ा. इन 14 घंटे में हर ग्राहक को संतुष्ट करने का प्रयास रहा.

भरे पर ध्यान नहीं, खाली सिलेंडर लेकर दौड़ रहे थे 
उपभोक्ता घर में रखे भरे सिलेंडर पर ध्यान न देकर खाली सिलेंडर लेकर दौड़ रहे थे. अधिकांश उपभोक्ता पैनिक कंडीशन में देखे गए, जिससे परिस्थितियों बदली हुई नजर आई. लिहाजा अगले दो से तीन दिनों में एजेंसी में शांति नजर आएगी. जिसके पीछे की वजह सिर्फ इतनी थी उपभोक्ता पैनिक बुकिंग कर रहे थे, जिसका असर आम लोगों के साथ ही सर्वर पर भी पड़ा और ऐसी स्थिति निर्मित हुई.

About the Author

Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें



Source link