राजस्थान रॉयल्स रचने वाली है इतिहास, 11,956 करोड़ की लग चुकी है बोली

राजस्थान रॉयल्स रचने वाली है इतिहास, 11,956 करोड़ की लग चुकी है बोली


नई दिल्ली. आईपीएल 2026 का रोमांच अपने चरम पर पहुंचने वाला है. 28 मार्च से शुरू होने वाले इस 19वें सीजन को लेकर फैंस में जबरदस्त उत्साह है, खासकर टी20 वर्ल्ड कप में भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद जहां एक तरफ खिलाड़ी नए सीजन की तैयारियों में जुट गए हैं, वहीं दूसरी ओर लीग के अंदर एक बड़ा बदलाव भी आकार ले रहा है. फ्रेंचाइज़ी ओनरशिप में संभावित बदलाव, जो इस सीजन को और भी दिलचस्प बना सकता है. रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु के बाद राजस्थान रॉयल्स भी बिकने को तैयार है.

राजस्थान रॉयल्स इस समय निवेशकों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र बनी हुई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्रेंचाइज़ी को बेचने के लिए कम से कम तीन बड़े निवेशकों ने बाइंडिंग बिड्स जमा कर दी हैं. इनमें आदित्य बिड़ला ग्रुप सबसे आगे नजर आ रहा है, जिसने अमेरिकी निवेशक डेविड ब्लिटजर के साथ मिलकर मजबूत बोली लगाई है. पिछले कुछ हफ्तों में सबसे बड़ा बदलाव यह आया है कि जहां शुरुआत में सिर्फ मेजॉरिटी स्टेक बेचने की बात चल रही थी, अब फ्रेंचाइज़ी पूरी तरह बेचने के विकल्प पर भी विचार कर रही है बशर्ते सही कीमत मिले.

12,000 करोड़ रुपये तक पहुंची वैल्यूएशन

राजस्थान रॉयल्स की वैल्यूएशन इस समय 1.1 से 1.35 बिलियन डॉलर (करीब 9,000 से 12,000 करोड़ रुपये) के बीच आंकी जा रही है. रिपोर्ट्स के अनुसार, टीम को लगभग 11,956 करोड़ रुपये की बोली भी मिल चुकी है, जो इसे आईपीएल की सबसे महंगी डील्स में शामिल कर सकती है. फिलहाल टीम की ओनरशिप कई हिस्सों में बंटी हुई है। इमर्जिंग मीडिया लिमिटेड के पास 65% हिस्सेदारी है, जबकि रेडबर्ड कैपिटल्स के पास 15% और Lachlan Murdoch के पास 13% शेयर हैं. बाकी हिस्सेदारी अन्य निवेशकों के पास है ऐसे में पूरी फ्रेंचाइज़ी की बिक्री के लिए सभी हिस्सेदारों की सहमति जरूरी होगी, जिससे प्रक्रिया थोड़ी लंबी हो सकती है.

बड़े नामों की दिलचस्पी, रेस हुई रोमांचक

इस डील को द रेन ग्रुप संभाल रहा है, जो पहले चेलेसी फुटबॉल क्लब और मैनटेस्टर यूनाइटेड जैसे बड़े क्लब्स की बिक्री में भूमिका निभा चुका है. राजस्थान रॉयल्स को खरीदने की दौड़ में कई बड़े नाम शामिल हैं. Aditya Birla Group (डेविड ब्लिट्जर के साथ) Times of India Group,Capri Global, Kal Somani (Rob Walton के साथ)

RCB की तुलना में अलग स्थिति

जहां रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु (RCB) की ओनरशिप ट्रांसफर प्रक्रिया 31 मार्च की डेडलाइन के चलते अंतिम चरण में पहुंच चुकी है, वहीं राजस्थान रॉयल्स पर किसी तरह का समय दबाव नहीं है. दिलचस्प बात यह है कि करीब 12,000 करोड़ की वैल्यूएशन उस टीम के लिए काफी बड़ी मानी जा रही है, जिसने 2008 के पहले सीजन के बाद कोई खिताब नहीं जीता है. साथ ही, टीम के पास WPL (महिला प्रीमियर लीग) में कोई फ्रेंचाइज़ी भी नहीं है, हालांकि, RR के पास इंटरनेशनल मौजूदगी जरूर है—SA20 में पर्ल रॉयल्स और कैरेबियन प्रीमियर लीग में बारबाडोस रॉयल्स (मेंस और विमेंस टीम)। लेकिन इसके बावजूद, टीम के पास विराट कोहली जैसा कोई बड़ा स्टार फेस नहीं है, जो RCB की ब्रांड वैल्यू को काफी बढ़ाता है.

क्या बदलने वाला है IPL का भविष्य?

आईपीएल 2026 के आगाज से पहले फ्रेंचाइज़ी ओनरशिप में यह हलचल लीग के बिजनेस मॉडल में बड़े बदलाव का संकेत दे रही है अगर यह डील पूरी होती है, तो यह न सिर्फ राजस्थान रॉयल्स बल्कि पूरे आईपीएल इकोसिस्टम की वैल्यू को एक नई ऊंचाई पर ले जा सकती है. अब नजर इस बात पर होगी कि आखिर कौन सा निवेशक इस ऐतिहासिक फ्रेंचाइज़ी का नया मालिक बनता है और क्या यह बदलाव मैदान पर टीम की किस्मत भी बदल पाएगा.



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