सगी बहन के पति-जेठ को मारी गोली: हाईकोर्ट का 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया, तब साधु के वेश में पकड़ा गया था खूंखार गैंगस्टर किस्सू – Madhya Pradesh News

सगी बहन के पति-जेठ को मारी गोली:  हाईकोर्ट का 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया, तब साधु के वेश में पकड़ा गया था खूंखार गैंगस्टर किस्सू – Madhya Pradesh News




मध्यप्रदेश क्राइम फाइल्स के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि 22 मई 2024 को पुलिस ने यूपी के अयोध्या से एक साधु को पकड़ा। ये साधु और कोई नहीं बल्कि वही किशोर तिवारी उर्फ किस्सू तिवारी था जिसने मध्यप्रदेश के कटनी में दहशत मचा रखी थी। उसके तार 31 दिसंबर 1986 को कटनी में हुए राजेंद्र हत्याकांड से भी जुड़ी थी। जांच में यह भी सामने आया कि इसी ने एक साल पहले जबलपुर के राजेश सोनी की भी इसी तरह हत्या की थी। दोनों को चूना भट्ठी में जला दिया गया था। सबूतों की कमी और छोटे-मोटे विवादों में पुलिस भी उस पर हाथ डालने से हिचकती थी। उधर, उसकी दहशत बढ़ती जा रही थी। अब सवाल ये था कि आखिर एक साधारण कंपाउंडर किस तरह खूंखार गैंगस्टर बन गया? पुलिस उस तक कैसे पहुंची? और सबसे अहम सवाल- क्या पुलिस उसे सजा दिला सकी? क्राइम फाइल्स पार्ट 2 में इनके जवाब…
16 साल की उम्र में किस्सू ने मारा था चाकू किस्सू शुरुआत में एक डॉक्टर के यहां कंपाउंडर का काम करता था। देखने में साधारण, लेकिन स्वभाव से वह बेहद गुस्सैल था। छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा करना उसकी आदत थी। 1978 में 16 साल की उम्र में उसने भीम सिंधी नाम के शख्स पर चाकू से हमला कर दिया। सुधरने की बजाय और बिगड़ गया 1979 में जमानत पर छूटने के बाद वह सुधरने के बजाय और बिगड़ गया। उसने कंपाउंडर का काम छोड़कर ठेकेदारी और दूसरे काम शुरू किए। एक साल के भीतर ही उसके खिलाफ मारपीट और धमकी के सात मामले दर्ज हो गए।
1980-81 में भी दो और केस दर्ज हुए और यहीं से उसने अपराध की दुनिया में अपनी पैठ बना ली। हत्या जैसे गंभीर मामलों में भी वह जल्द जमानत पर छूट जाता था। धीरे-धीरे इलाके में उसका खौफ फैलने लगा। वकील को भी गोली मार दी 1992 में माधवनगर क्षेत्र का बदमाश लाली सुअरमार बम फटने से घायल हो गया। उसने कटनी के वकील बृजेश चंद्र निगम के साथ मिलकर झूठी कहानी गढ़ी और किस्सू पर बम फेंककर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करा दिया। इस केस में किस्सू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, लेकिन वह एक पुलिसकर्मी की मदद से फरार हो गया। जेल से बाहर आने के बाद उसने बदमाश लाली को गोली मार दी, हालांकि वह बच गया। बहन की मौत का बदला जीजा से लिया इसी दौरान किस्सू की बहन ने ससुराल में आत्महत्या कर ली। मौत से पहले उसने किस्सू से ससुराल वालों द्वारा प्रताड़ित किए जाने की शिकायत की थी। गुस्से में किस्सू ने इंदौर में रहने वाले अपने जीजा के बड़े भाई प्रदीप दुबे को गोली मार दी। कुछ समय बाद उसने अपने जीजा शरद दुबे की भी हत्या कर दी। नर्स से प्यार, फिर साली से शादी पुलिस जब किस्सू के जिंदगी के पन्ने पलट रही थी तो उसके प्यार का एक किस्सा भी सामने आया। जब वह इन हत्याओं के बाद फरार चल रहा था, तभी उसे जबलपुर की एक नर्स से प्यार हो गया और उसने उससे शादी कर ली। कुछ समय बाद पत्नी की मौत हो गई तो उसने अपनी साली से शादी कर ली। साली जयपुर में रहती थी, इसलिए किस्सू भी वहीं रहने लगा। राजस्थान में उसने पत्थर की खदान में टैक्सी चलाकर कई साल फरारी काटी। कुछ साल बाद जब मामले ठंडे पड़े तो वह वापस कटनी लौट आया और प्रॉपर्टी के कारोबार में उतर गया। इस धंधे में उसने करीब 50 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति बना ली। कोर्ट को देना पड़ा पुलिस को अल्टीमेटम किस्सू 2015 में जब गिरफ्तार हुआ था तो फैसला सुनाए जाने से ठीक पहले पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। जबलपुर हाईकोर्ट ने 2024 में इस मामले में पुलिस को फटकार लगाते हुए 24 घंटे में उसकी गिरफ्तारी के आदेश दिए थे। 18 पुलिसकर्मियों की टीम ने पांच राज्यों में दबिश दी। सूचना देने वालों को 55 हजार रुपए इनाम की घोषणा की गई। तब पुलिस को पता चला कि किस्सू अयोध्या में सपरिवार रामलला के दर्शन करने गया है। हत्या के एक मामले में सजा, बाकी केस पेंडिंग 25 जून 2025 को कटनी जिला न्यायालय ने किस्सू को 31 दिसंबर 1986 की रात हुई राजेंद्र की हत्या का दाषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस तरह मर्डर के 38 साल बाद किशोर तिवारी उर्फ किस्सू सलाखों के पीछे पहुंच गया। हालांकि उस पर करीब 22 मुकदमे दर्ज हैं। बाकी केस पेंडिंग हैं। बताया जाता है कि बाकी केस प्रक्रिया में हैं। क्राइम फाइल्स पार्ट-1 भी पढ़ें… बहन को छेड़ने वाले को चूना भट्ठी में जिंदा जलाया कटनी का रहने वाला एक साधारण कंपाउंडर किशोर तिवारी उर्फ किस्सू धीरे-धीरे इतना खतरनाक गैंगस्टर बन गया कि वह अपने दुश्मनों को सिर्फ मारता ही नहीं था, बल्कि ऐसी मौत देता था कि लोग उसके सामने आने से भी डरते थे। पढ़ें पूरी खबर…



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