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हर्षित राणा की यह कहानी क्रिकेट प्रेमियों को 15 साल पुराने उस जख्म की याद दिला रही है, जिसने प्रवीण कुमार जैसे स्विंग के सुल्तान का करियर हमेशा के लिए बदल दिया था. प्रवीण कुमार को अपने करियर के शबाब पर थे और कप्तानी धोनी के ट्रंपकॉर्ड भी, 2011 वर्ल्ड टीम में उनके नाम का ऐलान भी हो गया पर तमाम कोशिशों के बावजूद वो फिट नहीं हो पाए और इस बाद उनका करियर खत्म हो गया
हर्षित राणा कहीं 2011 के प्रवीण कुमार की कहानी ना दोहरा दे, फैंस को है इस बात का डर
नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट में किस्मत और चोट का खेल अक्सर खिलाड़ियों के करियर की दिशा बदल देता है। कोलकाता नाइट राइडर्स के उभरते सितारे हर्षित राणा आज इसी दोराहे पर खड़े हैं. गौतम गंभीर के मार्गदर्शन में निखरने वाले इस तेज गेंदबाज के लिए साल 2026 किसी बुरे सपने जैसा साबित हो रहा है. पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वार्म-अप मैच में लगी घुटने की चोट ने उनसे T20 वर्ल्ड कप 2026 का मेडल छीन लिया और अब ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह IPL 2026 के बड़े हिस्से, या शायद पूरे सीजन से भी बाहर हो गए हैं.
हर्षित राणा की यह कहानी क्रिकेट प्रेमियों को 15 साल पुराने उस जख्म की याद दिला रही है, जिसने प्रवीण कुमार जैसे स्विंग के सुल्तान का करियर हमेशा के लिए बदल दिया था. प्रवीण कुमार को अपने करियर के शबाब पर थे और कप्तानी धोनी के ट्रंपकॉर्ड भी, 2011 वर्ल्ड टीम में उनके नाम का ऐलान भी हो गया पर तमाम कोशिशों के बावजूद वो फिट नहीं हो पाए और इस बाद उनका करियर खत्म हो गया.
हर्षित राणा: किस्मत की मार और टूटा सपना
हर्षित राणा ने IPL 2024 में 19 विकेट लेकर KKR को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी, जिसके बाद वह भारतीय टीम के नियमित सदस्य बन गए थे लेकिन वर्ल्ड कप से ठीक पहले वार्म-अप मैच में घुटने के लिगामेंट की चोटने सब कुछ बदल दिया. हर्षित की जगह अनुभवी मोहम्मद सिराज को वर्ल्ड कप टीम में शामिल किया गया. सिराज, जो लंबे समय से टी20 टीम से बाहर थे, उनके लिए यह ‘लॉटरी’ लगने जैसा था क्योंकि उन्हें सीधे वर्ल्ड कप टीम का टिकट मिल गया. हाल ही में बीसीसीआई के ‘नमन अवार्ड्स’ में हर्षित राणा को बैसाखियों के सहारे चलते देखा गया, जहाँ वह अपना ‘बेस्ट इंटरनेशनल डेब्यू’ का अवार्ड लेने मंच तक भी नहीं जा सके. फरवरी में हुई घुटने की सर्जरी के बाद फिलहाल वह रिकवरी मोड में हैं और IPL 2026 की शुरुआत (28 मार्च) तक फिट होना नामुमकिन लग रहा है.
2011 का इतिहास: जब प्रवीण कुमार की चोट ने श्रीशंत की बदली किस्मत
हर्षित के साथ जो हो रहा है, वह साल 2011 में प्रवीण कुमार के साथ हुई अनहोनी की कार्बन कॉपी नजर आता है. 2011 वर्ल्ड कप के लिए प्रवीण भारत के मुख्य स्विंग गेंदबाज थे लेकिन कोहनी की चोट के कारण उन्हें टूर्नामेंट शुरू होने से ठीक पहले बाहर होना पड़ा. प्रवीण के बाहर होने पर एस. श्रीसंत को टीम में जगह मिली हालाँकि, टूर्नामेंट के दौरान श्रीशंत भारत के तीसरे सबसे सफल गेंदबाज बनकर उभरे और वर्ल्ड कप जीत में बड़ा योगदान दिया. वर्ल्ड कप मिस करना प्रवीण कुमार के करियर के लिए बड़ा टर्निंग पॉइंट रहा. वापसी के बाद वह उस पुराने लय में कभी नहीं दिखे और धीरे-धीरे भारतीय टीम से ओझल हो गए.
हर्षित राणा बनाम इतिहास
हर्षित राणा की काबिलियत पर किसी को शक नहीं है. गौतम गंभीर उन्हें एक ‘ऑल-फॉर्मेट प्लेयर’ के रूप में देखते रहे हैं लेकिन खेल का इतिहास गवाह है कि एक बड़ी चोट न केवल टूर्नामेंट छीनती है, बल्कि कई बार खिलाड़ी का आत्मविश्वास और जगह भी लील जाती है जहाँ एक तरफ मोहम्मद सिराज को वर्ल्ड कप में मौका मिला, वहीं KKR अब हर्षित के विकल्प की तलाश में है. फैंस यही दुआ कर रहे हैं कि हर्षित राणा मजबूती से वापसी करें और उनका हाल प्रवीण कुमार जैसा न हो 24 साल की उम्र में यह चोट उनके करियर का सबसे बड़ा इम्तिहान है.