अनूपपुर जिले की कोतमा पुलिस ने ऑनलाइन ठगी और अवैध गैम्बलिंग के एक अंतरराष्ट्रीय ‘म्यूल अकाउंट’ गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गुरुवार को मुंबई से गिरोह के मुख्य सदस्य दीपक यादव उर्फ फिलिप को गिरफ्तार किया, जिसके साथ अब तक कुल 7 आरोपी पकड़े जा चुके हैं। यह गिरोह अनूपपुर के ग्रामीणों के बैंक खातों का उपयोग कर दुबई में बैठे सरगनाओं के लिए करोड़ों रुपये का अवैध लेन-देन कर रहा था। मुंबई से गिरफ्तार आरोपी, उपकरण बरामद पुलिस ने पकड़े गए आरोपी दीपक यादव के पास से 145 एटीएम कार्ड, 23 सिम कार्ड, 20 पासबुक, 14 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप और इंटरनेट राउटर बरामद किया है। इससे पहले 28 फरवरी को तीन अन्य आरोपियों से 19 एटीएम कार्ड जब्त किए गए थे। अब तक इस पूरे मामले में कुल 165 एटीएम कार्ड और 18 मोबाइल फोन पुलिस के कब्जे में हैं। दुबई के सरगनाओं के लिए काम करता था सिंडिकेट पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी दीपक यादव दुबई में बैठे मास्टरमाइंड हितेश नंदवानी, विशाल जत्यानी और पंकज सुखनानी के सीधे संपर्क में था। वह पार्सल से प्राप्त एटीएम कार्ड और दस्तावेजों को सेट कर दुबई भेजता था। गिरोह प्रतिदिन 10 से 12 लाख रुपए की निकासी कर सरगनाओं तक पहुंचाता था। सरकारी योजना के नाम पर ग्रामीणों के खुलवाए बैंक खाते ठगी का यह खेल तब उजागर हुआ जब ग्राम पडोर निवासी दीपक केवट ने शिकायत दर्ज कराई। जांच में सामने आया कि आरोपी बादल सोनी उर्फ जिमी ग्रामीणों को सरकारी लाभ दिलाने का झांसा देकर बैंक ऑफ महाराष्ट्र में खाते खुलवाता था। इन खातों के एटीएम, पासबुक और सिम कार्ड आरोपी अपने पास रखकर मुंबई और फिर दुबई भेज देते थे। बैंक कर्मचारियों की भूमिका की जांच थाना प्रभारी रत्नांबर शुक्ला ने बताया कि दुबई में बैठे मुख्य आरोपियों के विरुद्ध लुकआउट नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस ने मामले में धारा 318(4), 3(5) और 111 बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया है। इस बड़े वित्तीय घोटाले में बैंक कर्मचारियों की संलिप्तता की भी सघन जांच की जा रही है।
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