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Fertilizer e-token system : किसान भाई हमेशा खाद की किल्लत का सामना करते हैं. कई बार बाहर से किसानों को महंगी कीमत पर खाद खरीदना पड़ता है, लेकिन अब इससे किसान भाइयों को मुक्ति मिल सकती है. दरअसल, बालाघाट के कृषि उपसंचालक ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि मध्य प्रदेश शासन ने ई-विकास लॉन्च किया है, जो बेहद फायदेमंद है.
Agri News : आमतौर पर देशभर से खबरें आती है कि किसान भाई खाद और उर्वरक के लिए लंबी-लंबी कतार में खड़े होने की खबरें आती रही है. यहां तक किसान भाई हमेशा खाद की किल्लत का सामना करते हैं. साथ ही ये भी एक शिकायत रहती है कि खाद की कालाबाजारी होती है, जिससे किसानों को महंगी कीमत पर खाद खरीदना पड़ता है. लेकिन अब इससे किसान भाइयों को मुक्ति मिल सकती है. दरअसल, बालाघाट के कृषि उपसंचालक ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि मध्य प्रदेश शासन ने ई-विकास लॉन्च किया है. इससे किसान भाइयों को काफी सहूलियत मिलेगी.
सरकार ने लॉन्च किया खाद वितरण का नया सिस्टम
बालाघाट कृषि उपसंचालक फूल सिंह मालवीय ने लोकल 18 को बताया कि 1 जनवरी को पूरे प्रदेश में लागू हुआ है. अब इसकी मदद से किसानों को होने वाली खाद की समस्या से निजात दिलाएगा. इस पोर्टल की मदद से किसान भाई अपने मोबाइल से घर बैठे ई-टोकन बुक कर सकते हैं. फिर तीन दिन के भीतर ही किसान भाई केंद्र जाकर खाद प्राप्त कर सकते हैं. टोकन जनरेट करने के लिे किसान भाई को आधार नंबर और ओटीपी की जरूरत पड़ेगी. फिर इसके लिए वेरिफिकेशन होने के बाद अपना स्लॉट बुक कर सकते हैं. खास बात ये है कि किसान भाई प्रणाली के जरिए उर्वरक के स्टॉक और वितरण की रीयल-टाइम निगरानी करती है.
अब जानिए कैसे मिलेगा ई-टोकन
किसान भाई ई विकास के ऑफिशियल पोर्टल evikas.mpkrishi.mp.gov.in या etoken.mpkrishi.org पर जाएं. इसके बाद अपना आधार नंबर दर्ज करें फिर मोबाइल से आपको एक ओटीपी नंबर मिलेगा. इसके बाद फसल का चयन करें और कितने उर्वरक की जरूरत उसका चुनाव करें. इसके बाद आपका एक डिजिटल टोकन जारी होगा, जिसमें वितरण केंद्र और खाद लेने की तारीख और समय दर्ज होगा. आपको बताना जरूरी है कि एक बार जनरेट हुआ टोकन तीन के बाद एक्सपायर हो जाएगा.
खुद गणित लगाएगा कितने खाद की जरूरत
बालाघाट कृषि उपसंचालक फूल सिंह मालवीय ने लोकल 18 को बताया कि इस ऐप में किसान भाइयों के लिए अनोखी सुविधा है. इसमें फसल और रकबा डालने के बाद किस पोषक तत्व के लिए किस खाद का और कितनी मात्रा चुनाव करना है. इसका वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर ही सुझाव देगा.
ई-टोकन का लाभ लेने के लिए ये भी है जरूरी
ई-टोकन प्रणाली का लाभ लेने के लिए किसान भाइयों को अपनी फार्मर आईडी बनाना बेहद जरूरी है. ऐसे में किसान भाइयों को फार्मर आईडी बनाना बेहद जरूरी है. किसान आईडी यानी फार्मर आईडी किसानों के लिए एक डिजिटल पहचान पत्र है, जो उनकी जमीन, फसल और किसान के विवरण का ब्योरा रखता है. इसमें सरकारी योजनाओं का सीधा और पारदर्शी तरीके से फायदा मिलता है यानी कि फर्जीवाड़े से भी बच सकते हैं.
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7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें