चैत्र नवरात्रि के शुभारंभ के साथ ही पूरे विदिशा जिले में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। नवरात्रि के पहले दिन शहर के प्रमुख देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने माता रानी के दर्शन और पूजा-अर्चना कर नववर्ष का उत्साह मनाया। शहर के दुर्गा मंदिर में विशेष रूप से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। सुबह आरती के साथ ही दर्शन का सिलसिला शुरू हो गया, जो दिनभर जारी रहा। मंदिर परिसरों में “जय माता दी” के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की। कई भक्तों ने व्रत रखकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की, वहीं कुछ ने नारियल, चुनरी और प्रसाद अर्पित किए। नवरात्रि के अवसर पर मंदिरों को आकर्षक फूलों और रंगीन रोशनी से सजाया गया है। नीम-मिश्री खिलाकर नववर्ष की शुभकामनाएं दीं
इसी के साथ सनातन नववर्ष का भी आगमन हुआ, जिसे शहर में परंपरागत तरीके से मनाया गया। माधवगंज कांच मंदिर के सामने सनातन श्री हिंदू उत्सव समिति के सदस्यों ने लोगों को तिलक लगाकर नीम-मिश्री खिलाई और नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। पंडित मनोज शास्त्री ने बताया कि इसी दिन सृष्टि का सृजन हुआ था, इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए नवसंवत्सर का स्वागत किया जाता है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन और मंदिर समितियों द्वारा सुरक्षा और सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मंदिरों के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है, साथ ही बैरिकेडिंग, पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। वहीं कृषि उपज मंडी में अनाज व्यापारियों ने इकट्ठा होकर हाथों में धर्म ध्वजा लेकर मंदिरों की पूजा की और मजार पर पहुंचकर प्रसाद चढ़ाया। व्यापारियों ने बताया कि पिछले चार-पांच साल से चैत्र नवरात्रि पर छुट्टी के कारण नीलामी नहीं होती थी, लेकिन इस बार मंडी में नीलामी हुई।
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