बड़वानी जिला मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों में गुरुवार रात करीब 9:10 बजे मौसम के अचानक बदलने से तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि हुई। चने के आकार से बड़े ओले गिरने और झमाझम बारिश से खेतों में पककर तैयार खड़ी रबी फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। शहर के झंडा चौक पर चली तेज आंधी के कारण फल विक्रेताओं के अस्थाई तंबू भी उखड़ गए। सड़कों और खेतों में जमी ओलों की सफेद चादर स्थानीय निवासी विष्णु बनडे के अनुसार, रात को अचानक शुरू हुई ओलावृष्टि कुछ देर तक निरंतर जारी रही, जिससे सड़कों पर ओलों की परत जम गई। बेमौसम हुई इस बारिश और ओलावृष्टि ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया है। आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई स्थानों पर दुकानों के बोर्ड और शेड को भी क्षति पहुंची है। गेहूं और चना की फसलों के दाने झड़ने का खतरा वर्तमान में क्षेत्र में गेहूं और चना जैसी प्रमुख रबी फसलें पकने की अंतिम अवस्था में हैं। किसान भागीरथ ने बताया कि ओले गिरने से पौधों के झुकने और अनाज के दाने झड़ने का डर है, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो सकती है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय की ओलावृष्टि कटाई के लिए तैयार फसलों के लिए अत्यंत नुकसानदेह साबित होती है। किसानों ने की सर्वे की मांग अचानक हुए इस प्राकृतिक बदलाव से किसानों में भारी चिंता देखी जा रही है। किसानों का कहना है कि यदि बारिश का यह दौर दोबारा शुरू होता है, तो हाथ में आई फसल बर्बाद हो जाएगी। प्रभावित क्षेत्रों के कृषकों ने प्रशासन से फसलों के संभावित नुकसान का तत्काल आकलन करने और मुआवजा प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है
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