सीधी जिले की जनपद पंचायत कुसमी में ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ का शुभारंभ किया गया है। 19 मार्च 2026 को कुसमी नदी में बोरी बंधान के साथ इस अभियान का आगाज हुआ, जिसका उद्देश्य जल संरक्षण को बढ़ावा देना है। यह पहल मध्यप्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, भोपाल के निर्देशानुसार कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी के निर्देशन में की गई। जिला पंचायत सीधी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शैलेन्द्र सिंह सोलंकी ने भी इसमें मार्गदर्शन प्रदान किया। अभियान के तहत कुसमी नदी में बोरी बंधान कर जल रोकने की व्यवस्था की गई है। इसी प्रकार का बोरी बंधान ग्राम भगवार में स्थित बरी नदी में भी किया गया। इन कार्यों से कुसमी, भगवार और छपरा टोला जैसे गांवों में जल उपलब्धता सुनिश्चित होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, बोरी बंधान एक प्रभावी तकनीक है, जो बहते पानी को रोककर उसे जमीन में समाहित करती है। इससे कुओं और हैंडपंपों का जल स्तर बढ़ता है, जिससे गर्मी के मौसम में पानी की समस्या से राहत मिलती है। यह पहल ग्रामीणों और पशुओं दोनों के लिए पेयजल सुनिश्चित करेगी। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य हीरा बाई सिंह, जनपद पंचायत कुसमी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ज्ञानेंद्र मिश्रा, तहसीलदार नारायण सिंह, बीआरसीसी अंगिरा प्रसाद द्विवेदी, सहायक यंत्री बृजेंद्र कोरी, उपयंत्री अमर सिंह, राकेश सिंह, प्रदीप द्विवेदी उपस्थित रहे। इनके साथ ही ग्राम पंचायत कुसमी और भगवार के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, समाजसेवी और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद थे।
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