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खंडवा में हिंदू नववर्ष गुड़ी पड़वा के मौके पर एक अनोखा मामला सामने आया है. जहां एक शख्स ने विधि-विधान के साथ ‘घर वापसी’ करते हुए सनातन धर्म को अपनाया. याकूब खां अब कृष्णा नाम से जाने जाएंगे. उन्होंने कहा कि उनके मन में सनातन के लिए बहुत सम्मान है और बचपन से उनकी यही इच्छा थी.
याकूब ने अपनाया सनातन धर्म
खंडवा में रहने वाले याकूब खां ने वैदिक रीति-रिवाजों के साथ शुद्धिकरण, मुंडन, हवन और आरती कर सनातन धर्म में वापसी की. इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनका नया नाम ‘कृष्णा’ रखा गया. कार्यक्रम के दौरान भगवान भगवान शिव की आरती की गई. इसके अलावा ‘हर हर महादेव’ और ‘भारत माता की जय’ के जयकारे लगे. आयोजन में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और पूरे माहौल को धार्मिक रंग में रंगा गया.
कृष्णा बने शख्स ने कहा-सनातन ही संसार
याकूब से कृष्णा बने शख्स ने कहा कि अब सनातन ही उनका संसार है. उन्होंने बताया कि उनके दादा सलामतउल्लाह छोटा बोरगांव खुर्द में मदरसा संचालक हैं, लेकिन उन्होंने अपनी आस्था के अनुसार यह निर्णय लिया है. सनातन में सभी का सम्मान है और मैं कांवड़ भी लाना चाहता हूं. मुझे हिंदू समाज पर बहुत गर्व है. बचपन से ही मेरी इच्छा थी. भोलेनाथ मेरे सपने में आए थे और यहां पर सभी को इज्जत मिलती है और नारी का सम्मान होता है.
नगर निगम करते हैं ड्राइवर का काम
कृष्णा ने आगे कहा कि वे इस बार मां नर्मदा नदी का पावन जल लेकर ‘जय हिंदू राष्ट्र कांवड़ यात्रा’ में शामिल होंगे और भगवान शिव को जल अर्पित करेंगे. बताया जा रहा है कि कृष्णा नगर निगम के डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन वाहन में ड्राइवर के रूप में काम करते हैं.
महादेवगढ़ मंदिर के संरक्षक ने कही ये बात
महादेवगढ़ मंदिर के संरक्षक अशोक पालीवाल कहते हैं कि 2025 से मंदिर में घर वापसी का क्रम शुरू हुआ है. यहां नर, नारी के साथ किन्नर भी घर वापसी कर चुके हैं. आज हिंदू नववर्ष गुड़ी पड़वा पर याकूब खां ने आकर इच्छा जताई कि सनातन में आकर कृष्णा बनना चाहता हूं. विधि विधान से इनकी घर वापसी कराई है.
खंडवा के महादेवगढ़ मंदिर में घर वापसी के मामले लगातार सामने आते रहते हैं. कई युवतियों ने यहां घर वापसी कर सनातन को अपनाकर अपनी पसंद के युवक से विवाह भी रचाया है. इसी वजह से इस मंदिर के श्रद्धालु दर्शन करने के लिए दूर-दूर से आते हैं.