51 फीट दीपमाला की रोशनी में जगमगाया उज्जैन! उमड़ा आस्था का सैलाब

51 फीट दीपमाला की रोशनी में जगमगाया उज्जैन! उमड़ा आस्था का सैलाब


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Chaitra Navratri Day1: उज्जैन के प्रसिद्ध हरसिद्धि मंदिर में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है. मंदिर में विधि-विधान से घट स्थापना कर माता शैलपुत्री की पूजा की गई. 51 फीट ऊंची दीपमाला इस मंदिर का सबसे बड़ा आकर्षण है, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं. यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में शामिल है और इसकी धार्मिक मान्यता बेहद खास है. नवरात्रि के दौरान यहां भक्ति, परंपरा और उत्साह का अनोखा संगम देखने को मिलता है.

उज्जैन न्यूज. जैसे ही चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हुई, महाकाल की नगरी उज्जैन में भक्ति का रंग और गहरा हो गया. खासकर हरसिद्धि माता मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी.

गुरुवार सुबह शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से घट स्थापना की गई और पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजा की गई. मंदिर परिसर में हर तरफ “जय माता दी” के जयकारे गूंजते रहे और माहौल पूरी तरह भक्तिमय नजर आया.

महाकाल के पास, शक्ति का बड़ा धाम
महाकालेश्वर मंदिर से महज 200 मीटर दूर स्थित हरसिद्धि मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है. मान्यता है कि यहां माता सती की दाहिनी कोहनी गिरी थी, इसलिए यह स्थान बेहद पवित्र और शक्तिशाली माना जाता है. साथ ही यह सम्राट विक्रमादित्य की कुलदेवी का भी मंदिर है, जिससे इसकी महत्ता और बढ़ जाती है.

भजन-कीर्तन और गरबा से गूंजा मंदिर
नवरात्रि के पहले दिन सुबह 4 बजे मंदिर के पट खुलते ही पूजा-अर्चना शुरू हो गई थी. सुबह 8 बजे घट स्थापना के साथ ही नौ दिनों के पर्व का शुभारंभ हुआ. मंदिर में महिलाओं की टोली भजन-कीर्तन और गरबा करते हुए नजर आईं, जिससे माहौल और भी खास बन गया. यहां 27 मार्च तक रोज अलग-अलग स्वरूपों में मां की पूजा की जाएगी.

51 फीट दीपमाला बना सबसे बड़ा आकर्षण
हरसिद्धि मंदिर की सबसे खास पहचान इसकी भव्य दीपमाला है. करीब 51 फीट ऊंचे इन दीप स्तंभों में 1000 से ज्यादा दीपक लगे हुए हैं. शाम होते ही जब ये सभी दीपक एक साथ जलते हैं, तो पूरा मंदिर परिसर अद्भुत रोशनी से जगमगा उठता है. इस नजारे को देखने के लिए दूर-दूर से लोग यहां पहुंचते हैं. मान्यता है कि दीप जलाते समय मां से मांगी गई मनोकामना जरूर पूरी होती है.

माता पूजन का विधान
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है. सफेद वस्त्र पहनकर पूजा करना शुभ माना जाता है गाय के घी या सफेद मिठाई का भोग लगाया जाता है “ह्रीं शिवायै नम:” मंत्र का जाप किया जाता है

आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम
हरसिद्धि मंदिर में नवरात्रि सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और श्रद्धा का संगम है. यहां आने वाला हर भक्त मां की भक्ति में डूब जाता है और अपने साथ एक अलग ही ऊर्जा लेकर लौटता है.

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Shweta Singh

Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें



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