Khargone News: मध्य प्रदेश के खरगोन में इन दिनों आम लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. पहले से गैस सिलेंडर के लिए लोग परेशान हैं, अब राशन के लिए भी लंबी लाइन लगानी पड़ रही है. जिले के करीब 15 लाख हितग्राही फ्री राशन योजना से जुड़े हैं, लेकिन मौजूदा हालात में यह सुविधा लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है. लोग अपना काम-धंधा छोड़कर राशन लेने पहुंच रहे हैं, लेकिन कई बार खाली हाथ लौटना पड़ रहा है.
स्थिति इसलिए बिगड़ी क्योंकि सरकार ने मार्च और अप्रैल महीने का राशन एक साथ देने के निर्देश दिए हैं. 15 अप्रैल तक राशन लेना जरूरी है, नहीं तो वह खत्म हो जाएगा. इसी डर से बड़ी संख्या में लोग दुकानों पर पहुंच रहे हैं. लेकिन सर्वर बार-बार बंद होने और स्टॉक की कमी के कारण भीड़ लगातार बढ़ रही है और लोगों को कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है. बता दें कि केंद्र सरकार के निर्देश के बाद सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत दो महीने का राशन एक साथ दिया जा रहा है.
इसका सीधा असर दुकानों पर देखने को मिल रहा है. पहले जहां पूरे महीने में कभी भी अपनी सुविधा के अनुसार राशन लेने दुकान जाते थे, जिससे भीड़ लगती थी, अब हर दिन भारी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं. चुंकि, जिले में 676 राशन दुकानें संचालित हैं, जहां हर महीने करीब 3 लाख 47 हजार परिवारों के 14 लाख 80 हजार लोगों को फ्री राशन मिलता है. अब दो महीने का राशन लेने के लिए पीओएस मशीन पर दो बार बायोमेट्रिक करना जरूरी है. इससे समय ज्यादा लग रहा है और लाइन और लंबी हो रही है.
टोकन व्यवस्था भी ध्वस्त!
ग्राउंड जीरो पर पहुंची local18 की टिम ने गुरुवार को मंडलेश्वर की मां नर्मदा शासकीय उचित मूल्य दुकान पर हालातों का जायजा लिया. लेकिन, हालात बेहद खराब नजर आए. यहां सुबह से ही लंबी कतारें लगी थीं. कई लोग दो से तीन दिन से चक्कर लगा रहे थे, लेकिन राशन नहीं मिल पा रहा था. भीड़ इतनी ज्यादा थी कि कई लोग बिना लाइन में लगे ही वापस लौट रहे थे. दुकान पर टोकन सिस्टम शुरू किया गया है, लेकिन उससे भी पूरी राहत नहीं मिल रही है. टोकन मिलने के बाद भी लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है. अन्य दुकानों पर भी यही हाल है. कई बार नंबर आने तक राशन खत्म हो जाता है या फिर सर्वर बंद हो जाता है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है.
समय पर नहीं पहुंच रहा स्टॉक
सेल्समैन रोहित पाटिल ने बताया, उनके पास दो पीओएस मशीनें हैं और करीब 1250 हितग्राहियों को राशन देना होता है. अभी दो महीने का राशन एक साथ देने के निर्देश हैं, लेकिन अनाज समय पर नहीं पहुंचा. दो दिन पहले ही स्टॉक आया है, लेकिन वह भी पर्याप्त नहीं है. उन्होंने बताया कि सर्वर भी बड़ी समस्या बना हुआ है. कई बार पूरा दिन सर्वर काम नहीं करता, जिससे वितरण रुक जाता है. बुधवार को भी सर्वर ठीक से नहीं चला, जिससे भीड़ और बढ़ गई. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए टोकन सिस्टम लागू किया गया है, लेकिन अभी इतने टोकन बंट चुके हैं कि नए टोकन जारी करना मुश्किल हो गया है.
तीन दिन से लगा रहे चक्कर
राशन लेने आए गणेश गोयल ने बताया कि वह दुकान पर पहुंचे, लेकिन भीड़ देखकर वापस लौटना पड़ा. पहले से ही कई लोगों के नंबर लगे हुए हैं. वहीं, उमेश ने कहा कि उन्हें टोकन मिल गया था, फिर भी एक घंटे से ज्यादा लाइन में लगना पड़ा. हेमलता मोदी ने बताया कि वह न्यायालय में कर्मचारी हैं और पिछले तीन दिनों से राशन के लिए चक्कर लगा रही हैं. कभी राशन नहीं मिलता तो कभी भीड़ इतनी ज्यादा होती है कि नंबर नहीं आता. काम छोड़कर लाइन में लगना पड़ रहा है और सर्वर की समस्या अलग से परेशान कर रही है.
राशन लेने के लिए जद्दोजहद
बरहाल, यह स्थिति सिर्फ मंडलेश्वर की इस एक दुकान की नहीं है. जिले की लगभग सभी 676 राशन दुकानों पर ऐसे ही हालात बने हुए हैं. कहीं स्टॉक खत्म हो रहा है तो कहीं सर्वर बंद हो रहा है. कुछ जगहों पर राशन पहुंचा ही नहीं, जिससे दुकानें बंद हैं. ऐसे में लोगों को सुबह से शाम तक लाइन में लगने के बाद भी राशन नहीं मिल पा रहा है. फ्री राशन योजना का लाभ लेने के लिए लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.