Indore: सराफा चौपाटी में गैस किल्लत बरकरार, दुकानदार जला रहे कोयला, कहा- महंगी होगी मिठाई

Indore: सराफा चौपाटी में गैस किल्लत बरकरार, दुकानदार जला रहे कोयला, कहा- महंगी होगी मिठाई


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Indroe Gas Crisis: इंदौर के सराफा बाजार में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत से 10-12 दुकानें बंद हो चुकी हैं. धर्मेंद्र यादव और प्रवीण जैसे व्यापारी कोयले और जुगाड़ से काम चला रहे हैं. ब्लैक में सिलेंडर 5000 का मिल रहा है.

Indore News: होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत में भले ही एलपीजी से भरे जहाज पहुंचने लगे हैं. लेकिन, सिलेंडर की किल्लत अब भी बरकरार है. 1 सप्ताह बाद भी साफतौर पर इसका असर इंदौर के सराफा बाजार पर देखने को मिल रहा है. यहां सिलेंडर न मिलने से खानपान की 10-12 दुकानें बंद हो चुकी हैं, जबकि कुछ लोग कोयले की मदद से दुकान चला रहे हैं.

40 साल से सराफा बाजार में मिठाई दुकान लगाने वाले धर्मेंद्र यादव ने बताया, कोयला तो गैस से भी महंगा है. 60 रुपए किलो में कोयला मिल रहा है. लगातार भटि्ठयां चलानी पड़ती हैं. कोयला काफी महंगा पड़ेगा. ऐसे में मिठाइयों की लागत भी बढ़ जाएगी. फिलहाल उनके पास जो रिजर्व गैस सिलेंडर है, उससे काम चला रहे हैं. अगर 1 दिन और सिलेंडर नहीं मिल पाया तो उन्हें अपनी दुकान बंद करनी पड़ेगी.

3 दिन से दुकान बंद
सराफा में 21 सालों से मशहूर बड़ी जलेबी की दुकान लगाने वाले प्रवीण ने बताया कि जुगाड़ से ही उनका काम चल रहा है. 3 दिन से उनकी दुकान बंद थी. कहीं से 2 किलो का सिलेंडर मिला. इससे उनकी दुकान खुल पाई. अगर फिर सिलेंडर नहीं मिला तो आगे भी दुकान बंद रखनी पड़ेगी, दुकान बंद न हो इसके लिए वह लोग घर पर लकड़ी के चूल्हे पर खाना बना रहे हैं.

ब्लैक में 5000 का सिलेंडर
सराफा में ही गैस सिगड़ी पर पनीर टिक्का बेचने वाले अखिलेश ने बताया कि 1800 में मिलने वाली टंकी ब्लैक में 5000 में मिल रही है. ऐसे मैं ना चाहते हुए भी उन्हें इंडक्शन और सिगड़ी पर शिफ्ट होना पड़ेगा. फिलहाल रिजर्व गैस सिलेंडर से काम चला रहे हैं. जो खत्म हो चुके हैं. कोयले के चूल्हे पर काम धीरे होता है, ऐसे में या तो उन्हें अपनी दुकान बंद करना पड़ेगी या फिर महंगे कोयले से चूल्हा जलाना पड़ेगा.

इलेक्ट्रिक चूल्हे पर पूरी तरह निर्भर 
सरापा व्यापारी चाट‌ चौपाटी एसोसिएशन गैस चूल्हो को स्थाई तौर पर छोड़कर पूरी तरह से बड़े इलेक्ट्रिक चूल्हों पर शिफ्ट होने पर विचार कर रहा है. इससे भविष्य में होने वाले खतरों से भी छुटकारा मिल जाएगा. साथ ही व्यापारियों की लागत भी कम होगी. इसके भविष्य में संकट होने पर गैस पर उनके निर्भरता भी खत्म हो जाएगी.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें



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