अनूपपुर जिले में शुक्रवार को सिंधी समाज के आराध्य देव भगवान झूलेलाल की जयंती ‘चेटीचंड महोत्सव’ के रूप में अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। जिला मुख्यालय सहित कोतमा, जैतहरी और राजेंद्रग्राम में धार्मिक अनुष्ठानों, भव्य शोभायात्राओं और सामूहिक लंगर के आयोजनों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय कर दिया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे समाजजनों ने “बेड़ा-ई-पार” के उद्घोष के साथ पर्व का आनंद लिया। कोतमा: सुखमनी साहिब के पाठ और पुष्पवर्षा के साथ स्वागत कोतमा में पूज्य सिंधी पंचायत, महिला मंडल और नवयुवक मंडल के संयुक्त तत्वावधान में भव्य आयोजन हुए। सुबह सुखमनी साहिब के पाठ के पश्चात 10:30 बजे आरती संपन्न हुई। इसके बाद निकली शोभायात्रा का नगर में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर आत्मीय स्वागत किया गया। भक्ति गीतों पर थिरकते श्रद्धालुओं और “आयो लाल झूलेलाल” के नारों से पूरा शहर गुंजायमान रहा। जिला मुख्यालय: सिंधी धर्मशाला से निकली आकर्षक शोभायात्रा अनूपपुर नगर में उत्सव का केंद्र सिंधी धर्मशाला रही, जहां दोपहर 12 बजे विधिवत पूजन-अर्चन के साथ कार्यक्रमों का आगाज हुआ। दोपहर 2 बजे से विशाल लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में नगरवासियों ने प्रसाद ग्रहण किया। शाम 4 बजे गाजे-बाजे के साथ भगवान झूलेलाल की शोभायात्रा निकाली गई, जो नगर के मुख्य मार्गों का भ्रमण कर पुनः धर्मशाला परिसर में संपन्न हुई। इस दौरान बच्चों के लिए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। सामूहिक भोज के हुई धार्मिक पूर्णाहुति कोतमा में दोपहर 2 बजे विशाल भंडारे के साथ धार्मिक अनुष्ठानों की पूर्णाहुति हुई। सेवादारों ने तत्परता के साथ सभी आगंतुकों को भोजन प्रसादी वितरित की। जैतहरी और राजेंद्रग्राम में भी सिंधी समाज के परिवारों ने एकजुट होकर इष्टदेव की पूजा-अर्चना की और शाम को दीपदान के साथ उत्सव का समापन किया।
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