ब्रजेश्वरी एनएक्स स्थित अर्हम विला में बुधवार आग लगी थी।
इंदौर के ब्रजेश्वरी एनएक्स स्थित अर्हम विला में हुए भीषण अग्निकांड में पगुलिया परिवार के करीब 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद पुलिस ने बुधवार और गुरुवार को एक दर्जन से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए हैं। वहीं, मनोज पगुलिया की पत्नी सुनीता,
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शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि मामले की गहन जांच के लिए विशेष दल भी सक्रिय हो सकता है।
एडीशनल डीसीपी अमरेन्द्र सिंह के अनुसार मनोज पगुलिया, उनकी बहू सिमरन सहित कुल 8 लोगों की मौत के इस मामले में प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट से आग लगना सामने आया है।
तिलक नगर थाना पुलिस अब तक आसपास के एक दर्जन से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है, जिनमें फायर ब्रिगेड को सूचना देने वाले लोग भी शामिल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बिजली के तारों से लगातार चिंगारियां गिर रही थीं और पटाखों जैसी आवाजें आ रही थीं।
परिजन का कहना है कि बिजली के पोल में स्पार्किंग हुई, उसकी वजह से आग लगी। इसका एक वीडियो भी सामने आया है।
बचाव करने वालों और आसपास के लोगों के बयान
इस हादसे में पड़ोसी महेंद्र जैन ने मनोज की पत्नी और बेटों को बचाया, जिनसे पुलिस ने पूछताछ की है। इसके अलावा पड़ोसी मनोज जैन, बचाव करने वाले विजय जुनेजा और अन्य स्थानीय लोगों से भी घटना को लेकर जानकारी ली गई। अधिकांश लोगों ने बिजली के पोल से चिंगारी गिरने और आग के वाहनों तक फैलने की बात कही।

बुधवार को हुए हादसे में आग ने मकान के तीनों फ्लोर को चपेट में ले लिया था।
परिवार के बयान से खुलेगी सच्चाई
घटना की शुरुआत में ही सुनीता और उनके पति मनोज जाग गए थे और बेटे सौरभ के साथ ऊपर पहुंचे। बहू सिमरन को बचाने के प्रयास में मनोज बीच में ही फंस गए। तब तक धुआं फैल चुका था, जिसके कारण मनोज और सिमरन के शव सबसे ऊपर मिले।
अब पुलिस यह जानने की कोशिश करेगी कि आग की जानकारी परिवार को कब और कैसे मिली, और सबसे पहले आग कहां देखी गई। इन बयानों से जांच को अहम दिशा मिलने की उम्मीद है।

गुरुवार को पीड़ितों से मिले थे सीएम।
सिलेंडर ब्लास्ट से बढ़ा खतरा
घर में एक दर्जन से अधिक कमर्शियल सिलेंडर रखे होने की बात सामने आई है। जब फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची, तब घर का बिजली कनेक्शन चालू था। पानी डालते ही करंट फैल गया, जिससे कुछ फायरकर्मी भी चपेट में आए, हालांकि वे सुरक्षित बच गए। कुछ देर बाद सिलेंडरों में विस्फोट हुआ, जिससे टंकी के हिस्से बाहर जा गिरे।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन इस बात की जांच कर रहे हैं कि घर में इतने कमर्शियल सिलेंडर क्यों रखे गए थे, जबकि इनका उपयोग केवल व्यावसायिक स्थानों पर ही अनुमति प्राप्त है। परिवार के सदस्यों के बयान के बाद ही पूरे मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

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