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पीथमपुर से धार तक नई रेल लाइन पर 23 से 26 मार्च तक स्पीड ट्रायल शुरू हो गया है. यह 17 साल पुरानी परियोजना अब अंतिम चरण में पहुंच गई है. ट्रायल सफल होने पर धार को पहली बार रेल कनेक्टिविटी मिलेगी. साथ ही इंदौर से मुंबई की दूरी करीब 55 किमी कम हो जाएगी.
पीथमपुर से धार स्टेशन के बीच नई रेल लाइन का स्पीड ट्रायल रन होगा.
इंदौर/धार. लंबे समय से रेल सेवा का इंतजार कर रहे यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है. पश्चिम रेलवे ने पीथमपुर से धार के बीच नई रेल लाइन पर स्पीड ट्रायल और तकनीकी निरीक्षण की तारीख घोषित कर दी है. 23 से 26 मार्च 2026 तक चलने वाला यह परीक्षण सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि उस 17 साल पुराने प्रोजेक्ट के अंतिम चरण की शुरुआत है, जिसका इंतजार पूरे मालवा-निमाड़ क्षेत्र को था. इस ट्रायल के सफल होने पर न सिर्फ धार जिले को पहली बार रेल कनेक्टिविटी मिलेगी, बल्कि इंदौर से मुंबई की दूरी भी करीब 55 किलोमीटर कम हो जाएगी.
इस विकास का असर केवल यात्रा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति देगा. पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े व्यापारियों और श्रमिकों को सीधा लाभ मिलेगा, जबकि धार जैसे आदिवासी बहुल जिले को देश के बड़े रेल नेटवर्क से जोड़ने का सपना भी साकार होगा. रेलवे की ओर से ट्रायल के दौरान सुरक्षा को लेकर विशेष निर्देश जारी किए गए हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह तकनीकी और संवेदनशील है. रेलवे अधिकारियों का लक्ष्य है कि मार्च 2026 के अंत तक या उसके तुरंत बाद इस रूट पर ट्रेन संचालन शुरू कर दिया जाए. ट्रायल और निरीक्षण सफल रहने पर यह संभव हो सकेगा.
4 दिन चलेगा स्पीड ट्रायल और निरीक्षण
पश्चिम रेलवे के अनुसार 23 से 26 मार्च तक लगातार चार दिनों तक ट्रायल रन होगा. इस दौरान टावर वैगन के जरिए ट्रैक की मजबूती, ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन, सिग्नलिंग सिस्टम और अन्य तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच की जाएगी. परीक्षण के दौरान ट्रेन को 50 किमी प्रति घंटे की स्पीड से चलाया जाएगा, ताकि सुरक्षा और क्षमता का आकलन किया जा सके.
सुरक्षा को लेकर रेलवे की सख्त अपील
रेलवे प्रशासन ने स्थानीय लोगों से सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक पटरियों से दूर रहने की अपील की है. ट्रायल के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है. इसलिए आसपास के गांवों और बस्तियों में भी अलर्ट जारी किया गया है. इंदौर-दाहोद ब्रॉड गेज रेल परियोजना की कुल लंबाई करीब 205 किमी है. इसमें पीथमपुर से धार के बीच का हिस्सा सबसे अहम माना जा रहा है. करीब 38 से 55 किमी लंबे इस सेक्शन में ट्रैक बिछाने का काम लगभग पूरा हो चुका है. लंबे समय से अटकी यह परियोजना अब जमीन पर तेजी से दिखाई दे रही है.
सुरंग और इलेक्ट्रिफिकेशन का काम अंतिम दौर में
टीही सुरंग, जिसकी लंबाई करीब 2.9 किमी है, इस प्रोजेक्ट का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा रही है. यहां ट्रैक बिछाने का काम तेजी से चल रहा है. वहीं इंदौर से टीही तक का 21 किमी का सेक्शन पहले ही तैयार हो चुका है. ओएचई यानी बिजली आपूर्ति का काम भी अंतिम चरण में पहुंच चुका है. इस प्रारंभिक ट्रायल के सफल होने के बाद इंजन से हाई स्पीड ट्रायल किया जाएगा. इसके बाद कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी द्वारा निरीक्षण होगा. यही अंतिम मंजूरी होगी, जिसके बाद इस रूट पर यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू किया जा सकेगा.
आर्थिक और सामाजिक बदलाव की उम्मीद
इस रेल लाइन के शुरू होने से धार जिले के लोगों को पहली बार सीधी रेल सुविधा मिलेगी. इससे शिक्षा, रोजगार और व्यापार के नए अवसर खुलेंगे. पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को लॉजिस्टिक सपोर्ट मिलेगा, जिससे लागत कम होगी और उत्पादन बढ़ेगा. नई रेल लाइन के शुरू होने से इंदौर से मुंबई जाने वाली ट्रेनों की दूरी करीब 55 किमी कम हो जाएगी. इससे यात्रा का समय भी घटेगा और यात्रियों को अधिक सुविधाजनक विकल्प मिलेगा.
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सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें