नागदा पालिका अध्यक्ष के वित्तीय अधिकारों पर हाईकोर्ट की रोक: सरकार ने गजट नोटिफिकेशन जारी नहीं किया, जावरा समेत दो और नगर पालिकाओं पर ऐसी कार्रवाई – nagda junction News

नागदा पालिका अध्यक्ष के वित्तीय अधिकारों पर हाईकोर्ट की रोक:  सरकार ने गजट नोटिफिकेशन जारी नहीं किया, जावरा समेत दो और नगर पालिकाओं पर ऐसी कार्रवाई – nagda junction News




इंदौर हाई कोर्ट ने शुक्रवार को नागदा नगर पालिका अध्यक्ष संतोष ओपी गहलोत के वित्तीय अधिकारों पर 6 हफ्तों के लिए रोक लगा दी है। कोर्ट के इस आदेश के बाद अब वे किसी भी सरकारी भुगतान या वित्तीय फाइल पर साइन नहीं कर पाएंगी। इससे शहर के विकास कार्यों और नगर पालिका के कामकाज पर बड़ा असर पड़ने की आशंका है। यह पूरा मामला गजट नोटिफिकेशन (राजपत्र में सूचना) से जुड़ा है। भाजपा नेता अशोक मावर और कांग्रेस पार्षद प्रतिनिधि राजकुमार राठौर ने एक याचिका दायर की थी। इसमें बताया गया कि प्रदेश की 395 नगर पालिकाओं और परिषदों के अध्यक्ष-उपाध्यक्षों का गजट नोटिफिकेशन सरकार ने समय पर जारी नहीं किया है। जज प्रणय वर्मा की बेंच ने साफ कहा कि बिना वैध नोटिफिकेशन के वित्तीय अधिकार मान्य नहीं होंगे। प्रशासन की लापरवाही नियम के मुताबिक, चुनाव के एक महीने के भीतर यह नोटिफिकेशन जारी होना जरूरी है। मध्य प्रदेश में निकाय चुनाव 2022 में हुए थे, लेकिन सत्ता परिवर्तन और प्रशासनिक सुस्ती के कारण अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। नागदा के साथ-साथ शुक्रवार को जावरा समेत दो अन्य नगर पालिकाओं के अध्यक्षों के अधिकारों पर भी ऐसी ही रोक लगाई गई है। क्या होगा असर? नगर पालिका के ठेकेदारों और कर्मचारियों के वेतन या भुगतान में देरी हो सकती है। विकास से जुड़ी नई फाइलें और टेंडर प्रक्रिया अटक सकती है। वित्तीय पावर न होने से शहर की सफाई या बिजली जैसे जरूरी कामों के बजट पर असर पड़ सकता है। आगे क्या? हाई कोर्ट ने नगर पालिका को अपना पक्ष रखने के लिए 6 हफ्ते का समय दिया है। इस मामले में अध्यक्ष प्रतिनिधि ओपी गहलोत का कहना है कि वे कोर्ट के आदेश की कॉपी का अध्ययन कर रहे हैं और वकीलों से सलाह लेने के बाद ही अगला कदम उठाएंगे।



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