IAS अफसरों के लिए लकी है जबलपुर! जो बना नगर निगम कमिश्नर, वो बना कलेक्टर

IAS अफसरों के लिए लकी है जबलपुर! जो बना नगर निगम कमिश्नर, वो बना कलेक्टर


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Jabalpur News: जबलपुर नगर निगम के कमिश्नर रहे स्वप्निल वानखेड़े को दतिया का कलेक्टर बनाया गया जबकि संदीप जीआर ने सागर जिले की कमान संभाली. इस फेहरिस्त में आईएएस आशीष वशिष्ठ और आईएएस वेदप्रकाश शर्मा का नाम भी शामिल है, जो नगर निगम का कमिश्नर बनने के बाद कलेक्टर बने.

जबलपुर. मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर का नगर निगम कार्यालय अब प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में एक खास पहचान बना चुका है. इसे अगर ‘कलेक्टरों की नर्सरी’ कहा जाए, तो गलत नहीं होगा. वजह साफ है कि यहां कमिश्नर बनकर आने वाले अफसरों की अगली मंजिल सीधे किसी जिले के कलेक्टर के रूप में रही है. पिछले कई साल के रिकॉर्ड की बात की जाए, तब अधिकांश नगर निगम कमिश्नर ऐसे रहे हैं, जिनकी अगली पदोन्नति सीधे बतौर कलेक्टर के रूप में किसी न किसी जिले में हुई है. इनमें प्रीति यादव, संदीप जीआर, आशीष वशिष्ठ, स्वप्निल वानखेड़े, वेद प्रकाश जैसे कई अफसरों के नाम शामिल हैं. इस फेहरिस्त में पिछला नाम प्रीति यादव का रहा है, जो नगर निगम जबलपुर की पहली महिला आईएएस कमिश्नर थीं. नगर निगम जबलपुर में किसी महिला ने 62 साल बाद बतौर कमिश्नर के रूप में कमान संभाली थी. वह अभी आगर जिले की कलेक्टर हैं.

इसी तरह जबलपुर नगर निगम कमिश्नर रहे स्वप्निल वानखेड़े को दतिया जिले का कलेक्टर बनाया गया जबकि संदीप जीआर ने सागर जिले की कमान संभाली. इसी तरह आईएएस आशीष वशिष्ठ और आईएएस वेदप्रकाश शर्मा जैसे नाम भी हैं, जो जबलपुर नगर निगम का कमिश्नर बनने के बाद कलेक्टर बने थे. वहीं वेद प्रकाश शर्मा पहले ऐसे नगर निगम कमिश्नर थे, जिन्होंने करीब पांच साल का कार्यकाल जबलपुर में पूरा किया था.

जबलपुर नगर निगम का इतिहास
जबलपुर नगरपालिका की स्थापना 10 मई 1864 को हुई थी. उस समय इसे ‘जबलपुर म्युनिसिपल कमेटी’ के रूप में जाना जाता था. आजादी के बाद 1 जून 1950 को इसे नगरपालिका से उन्नत कर नगर निगम बना दिया गया. यह तत्कालीन मध्य प्रांत के प्रमुख शहरों में से एक था. जबलपुर को साल 1956 में नगर निगम का दर्जा मिला, जब मध्य प्रदेश राज्य का गठन हुआ. इसके बाद से यह शहर प्रमुख शहरी संस्था बन गया. जबलपुर के नगर निगम को लाल बिल्डिंग के नाम से भी जाना जाता है.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



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