उज्जैन शहर के करीब 138 वर्ष पुराने कोठी पैलेस की भव्यता अब वीर भारत संग्रहालय का आकार लेगी। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 20 करोड़ रुपए खर्च कर कोठी पैलेस की प्राचीन इमारत का कायाकल्प कर प्राचीन हैरिटेज भवन को संरक्षित रखते हुए यहां देश का एक मात्र ऐसा संग
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करीब पौने दो एकड़ में बनी सिंधिया रियासत के वर्षों पुराने कोठी पैलेस को वीर भारत संग्रहालय में बदला जा रहा है। कोठी पैलेस के भव्य भवन में सौ से अधिक कमरे बड़े हाल, खुली जगह है जहां पर अब तक कलेक्टर कार्यालय लगता था। नए कलेक्टर भवन बनने के बाद से ये प्राचीन इमारत खाली पड़ी थी। इससे पहले महाकाल मंदिर के पास महाराजबाड़ा स्कूल की पुरानी इमारत को हेरिटेज होटल में बदला गया है। कोठी पैलेस के कायाकल्प का काम शुरू हो चुका है। अब एक साल में संग्रहालय बनकर तैयार हो जाएगा। दावा किया जा रहा है कि ये संग्रहालय देश का एक मात्र संग्रहालय होगा जहा पर लोग महान वीर, तेजस्वी नायक, ऋषि, संत मनीषियों, धर्म गुरुओं के साथ ही स्वाधीनता संग्राम के नायकों के बारे में एक साथ जान सकेंगे।
वीर सेनानी, संतों की गाथा देखने को मिलेगी वीर भारत न्यास के अधीन बनने वाले संग्रहालय में हिंदुस्तान को बनाने वाले महान वीर, तेजस्वी नायक, ऋषि, संत मनीषियों, धर्म गुरुओं के साथ ही स्वाधीनता संग्राम के नायकों के चित्र, मूर्ति शिल्प के साथ उनके योगदान का वर्णन भी मिलेगा। वैदिक काल, रामायण काल, महाभारत काल, सम्राट विक्रमादित्य काल से लेकर स्वाधीनता संग्राम में भागीदारी करने वाले महापुरुष चंद्रशेखर आजाद, भगतसिंह, रानी अवंति बाई, दुर्गा बाई, महात्मा गांधी, गुरु गोविंद सिंह, गुरु तेगबहादुर सिंह, महाकवि कालिदास, वराहमिहिर, तानसेन बेजूबावरा, शंकराचार्य, स्वामी विवेकानंद जैसे अनेकों अनेक महान पुरुषों का वर्णन मिलेगा। यहां वीर भारत न्यास के माध्यम से पूर्व वैदिक, वैदिक, उत्तर वैदिक काल, रामायण कालिन, महाभारत कालिन युग से विक्रमादित्य काल और स्वतंत्रता संग्राम में भागीदारी करने वाले वीर नायकों के चित्र, मूर्ति शिल्प और जानकारी देश-विदेश से आने वाले लोगों को मिलेगी।

दैनिक भास्कर ऐप पर तस्वीरों में देखिए ऐसा बनेगा कोठी पैलेस…








अब देखिए ऐसे हो रहा कोठी पैलेस में निर्माण…







