छिंदवाड़ा जिले में बढ़ती गर्मी के साथ पानी पाउच और बोतलबंद पानी की मांग तेजी से बढ़ रही है, लेकिन इसके साथ ही बड़ी लापरवाही भी सामने आ रही है। हीरा इंडस्ट्रीज के बाद अब सोनपुर स्थित श्री सांवरिया ट्रेडर्स से जुड़े उत्पादों में मैन्युफैक्चरिंग डेट और जरूरी जानकारी का अभाव मिला है। पहले भी सामने आ चुके हैं मामले कुछ दिन पहले ही सोनपुर की हीरा इंडस्ट्री में बिना बैच नंबर और निर्माण तिथि के पानी पाउच पाए गए थे, जो ‘पेच वैली’ नाम से बनाए जा रहे थे। वहीं ‘स्ट्रीम’ ब्रांड की पानी की बोतलों में भी मैन्युफैक्चरिंग डेट दर्ज नहीं थी। अब ‘रिवर शाइन’ बोतलों पर उठे सवाल ताजा मामले में ‘रिवर शाइन’ नाम से बिक रही पानी की बोतलों में भी निर्माण तिथि का उल्लेख नहीं मिला। इतना ही नहीं, बोतल पर निर्माता कंपनी का नाम भी नहीं लिखा गया है। केवल “मार्केटेड बाय श्री सांवरिया ट्रेडर्स, सोनपुर, छिंदवाड़ा” दर्ज है, जिससे उत्पाद की वास्तविक निर्माण इकाई का पता नहीं चल पा रहा। स्वास्थ्य विभाग पर उठे सवाल लगातार सामने आ रहे इन मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि पानी के कारोबार में जांच के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है, जबकि पहले भी दूषित पानी से लोगों की जान जाने के मामले सामने आ चुके हैं। फूड इंस्पेक्टर बोले- जांच जारी फूड इंस्पेक्टर गोपेश मिश्रा ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि यदि किसी उत्पाद पर “मार्केटेड बाय” लिखा है और “मैन्युफैक्चरड बाय” की जानकारी नहीं दी गई है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित मार्केटिंग कंपनी की ही मानी जाएगी।
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