बड़ी बहन की तरह साया…मंधाना-जेमिमा की वो प्योर बॉन्डिंग, जिसने सबको रुलाया

बड़ी बहन की तरह साया…मंधाना-जेमिमा की वो प्योर बॉन्डिंग, जिसने सबको रुलाया


होमखेलक्रिकेट

बड़ी बहन की तरह साया…मंधाना-जेमिमा की वो प्योर बॉन्डिंग, जिसने सबको रुलाया

Last Updated:

Jemimah Rodrigues on Smriti Mandhana: मैदान की प्रतिद्वंद्विता से कहीं ऊपर है ये रिश्ता! जब स्मृति मंधाना का कठिन समय आया, तब जेमिमा रोड्रिग्स करोड़ों का विदेशी करार ठुकराकर अपनी सहेली के साथ चट्टान की तरह खड़ी रहीं. डब्ल्यूपीएल के फाइनल में हार के बाद जब जेमिमा टूटकर रोईं, तो विजेता स्मृति ही थीं जिन्होंने उन्हें सबसे पहले सीने से लगाया. ‘बड़ी बहन’ सा साया और ‘सगी बहनों’ जैसी ये अनूठी बॉन्डिंग साबित करती है कि क्रिकेट के मैदान पर सिर्फ रन नहीं, जज्बात भी इतिहास रचते हैं.

Zoom

जेमिमा ने बताया कि मंधाना उनके लिए उनकी बड़ी बहन की तरह हैं.

नई दिल्ली. भारतीय महिला क्रिकेट की जब भी बात होती है, तो स्मृति मंधाना की क्लासिक बल्लेबाजी और जेमिमा रोड्रिग्स की चुलबुली शख्सियत का जिक्र जरूर आता है. लेकिन इन दोनों के बीच का रिश्ता सिर्फ एक टीम के दो खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है. हाल ही में जेमिमा रोड्रिग्स ने स्मृति मंधाना के साथ अपने रिश्ते को ‘सगी बहनों’ जैसा बताया. क्रिकेट की इस चकाचौंध भरी दुनिया में, जहां प्रतिस्पर्धा अक्सर रिश्तों पर भारी पड़ जाती है, जेमिमा और स्मृति की यह ‘प्योर बॉन्डिंग’ एक मिसाल पेश करती है.

जेमिमा रोड्रिग्स (Jemimah Rodrigues)  ने सीएनएन-न्यूज18 से बात करते हुए भावुक होकर कहा, ‘स्मृति मंधाना (Smriti Mandhana)  मेरा ख्याल बिल्कुल एक बड़ी बहन की तरह रखा है. एक एथलीट के तौर पर हम साल भर अपने परिवार से दूर रहते हैं, ऐसे में टीम के भीतर ऐसा सुकून और साथ मिलना किसी वरदान से कम नहीं है.’ जेमिमा के मुताबिक, उनके रिश्ते में सब कुछ है ढेर सारी मस्ती, एक-दूसरे की खिंचाई करना, छोटी-छोटी बातों पर परेशान करना, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जब जरूरत होती है, तो वे एक-दूसरे के लिए चट्टान की तरह खड़ी रहती हैं.

जेमिमा ने बताया कि मंधाना उनके लिए उनकी बड़ी बहन की तरह हैं.

दोस्ती की सबसे बड़ी मिसाल
स्मृति मंधाना और जेमिमा रोड्रिग्स दोनों की दोस्ती की गहराई पिछले कुछ महीनों में दुनिया के सामने खुलकर आई. पिछले साल जब स्मृति मंधाना की शादी टूट गई थी , तब जेमिमा ने अपनी परवाह किए बिना अपनी सहेली का साथ देने का फैसला किया. उन्होंने स्मृति को भावनात्मक सहारा देने के लिए ऑस्ट्रेलिया की प्रतिष्ठित ‘बिग बैश लीग’ (BBL) का अपना आकर्षक कॉन्ट्रैक्ट तक छोड़ दिया. यह एक खिलाड़ी के करियर का बड़ा फैसला था, जो बताता है कि जेमिमा के लिए स्मृति का दुख उनके अपने करियर से बड़ा था.

जब प्रतिद्वंद्वी बनकर भी साथ खड़ी रहीं
हाल में संपन्न हुए वुमेंस प्रीमियर लीग के फाइनल में ये दोनों सहेलियां आमने-सामने थीं. स्मृति की ‘रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु’ ने खिताब जीता, जबकि जेमिमा की ‘दिल्ली कैपिटल्स’ को लगातार चौथी बार उपविजेता बनकर संतोष करना पड़ा. हार के बाद जेमिमा मैदान पर बुरी तरह टूट गई थीं और उनकी आंखों में आंसू थे. ऐसे समय में, जश्न मनाने के बजाय स्मृति मंधाना सबसे पहले जेमिमा के पास पहुंचीं और उन्हें गले लगाकर ढांढस बंधाया. यह दृश्य क्रिकेट इतिहास के सबसे भावुक पलों में से एक बन गया.

विश्व कप की जीत और ‘मिशन इंग्लैंड’
भारत की 2025 विश्व कप की ऐतिहासिक जीत में भी इस जोड़ी का अहम योगदान रहा.स्मृति ने जहां 54.25 की औसत से 434 रन बनाए, वहीं जेमिमा ने 58.40 की बेहतरीन औसत से 292 रनों का योगदान दिया. अब इनकी नजरें जून 2026 में इंग्लैंड में होने वाले T20 विश्व कप पर है. जेमिमा आत्मविश्वास से भरी हुई हैं और मानती हैं कि टीम इंडिया इस बार ‘डबल’ (वनडे के बाद टी20 विश्व कप) करने का दम रखती है. उन्होंने कहा, ‘हमारी जिम्मेदारी और उम्मीदें अब बढ़ गई हैं, लेकिन हम कड़ी मेहनत कर रहे हैं ताकि तिरंगा एक बार फिर शान से लहरा सकें.’

About the Author

Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें



Source link