बालाघाट की सड़कों पर दिखी राजस्थान की झलक: 16 दिनों के व्रत के बाद गाजे-बाजे के साथ विदा हुईं गणगौर माता – Balaghat (Madhya Pradesh) News

बालाघाट की सड़कों पर दिखी राजस्थान की झलक:  16 दिनों के व्रत के बाद गाजे-बाजे के साथ विदा हुईं गणगौर माता – Balaghat (Madhya Pradesh) News




बालाघाट में 16 दिनों से चल रहा गणगौर का त्योहार रविवार को मूर्तियों के विसर्जन के साथ पूरा हो गया। ‘सर्व राजस्थानी महिला मंडल’ ने इस मौके पर शहर में बड़ी धूमधाम से शोभायात्रा निकाली, जिसमें राजस्थानी कपड़ों में सजी महिलाओं और लड़कियों ने जमकर डांस किया। रविवार शाम करीब 5 बजे इतवारी गंज के सिद्धेश्वरी मंदिर से यह यात्रा शुरू हुई। सिर पर गणगौर उठाए महिलाएं नाचते-गाते सराफा बाजार, मेन रोड और महावीर चौक होते हुए मोती तालाब पहुंचीं। रास्ते भर ढोल-धमाकों और पारंपरिक गीतों की गूंज रही। तालाब के किनारे विधि-विधान से पूजा करने के बाद विसर्जन किया गया। पति की लंबी उम्र और अच्छे वर की कामना यह त्योहार भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। मंडल की अध्यक्ष ज्योति जुगल शर्मा ने बताया कि सुहागन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए और कुंवारी लड़कियां अच्छे जीवनसाथी की चाहत में यह 16 दिनों का कठिन व्रत रखती हैं। मान्यता है कि शादी के बाद पहली गणगौर लड़कियां अपने मायके में ही पूजती हैं। विसर्जन के साथ विदाई होली के अगले दिन से शुरू हुआ यह पर्व 16वें दिन विसर्जन के साथ संपन्न हुआ। मोती तालाब पर महिलाओं ने एक-दूसरे को बधाई दी और अगले साल फिर आने के वादे के साथ गणगौर माता को विदा किया।



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