बालाघाट में यात्री ट्रेने देरी से चल रही: नई गाड़ियां चलाने और जमीन अधिग्रहण का मुआवजे देने की मांग; ब्रॉडगेज संघर्ष समिति ने सौंपा ज्ञापन – Balaghat (Madhya Pradesh) News

बालाघाट में यात्री ट्रेने देरी से चल रही:  नई गाड़ियां चलाने और जमीन अधिग्रहण का मुआवजे देने की मांग; ब्रॉडगेज संघर्ष समिति ने सौंपा ज्ञापन – Balaghat (Madhya Pradesh) News




बालाघाट में ब्रॉडगेज संघर्ष समिति (ब्रासंस) ने रविवार को रेलवे स्टेशन प्रबंधक के माध्यम से डीआरएम के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में ट्रेनों की लेत-लतीफी, नई रेल सेवाओं की शुरुआत और जमीन अधिग्रहण के बदले मुआवजे जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है। समिति का आरोप है कि बालाघाट से गुजरने वाली पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनें घंटों की देरी से चल रही हैं। पहले इसके लिए गोंदिया ओवरब्रिज और अब दोहरीकरण कार्य को कारण बताया जा रहा है। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनूपसिंह बैस ने आरोप लगाया कि अडानी की मालगाड़ियों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिसके कारण ‘मूकमाटी एक्सप्रेस’ जैसी यात्री ट्रेनें पिछड़ जाती हैं। प्रमुख मांगें और रेल सेवा विस्तार ब्रासंस ने मांग की है कि बालाघाट होकर पेंचवली, सतपुड़ा और नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेनों को दोबारा शुरू किया जाए। साथ ही, भोपाल-इंदौर ट्रेन सेवा की शुरुआत और पेंचवली एक्सप्रेस को गोंदिया से चलाने का प्रस्ताव भी दिया गया है। समिति का कहना है कि खनिज और वन संपदा से समृद्ध होने के बावजूद बालाघाट के रेल यात्री आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। किसानों के मुआवजे और नौकरी का मुद्दा ज्ञापन में रेलवे लाइन विस्तार के लिए अधिग्रहित की गई जमीन के बदले किसानों को उचित मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग दोहराई गई है। अनूपसिंह बैस ने कहा कि रेलवे ने पहले नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन अब इससे मुकर रहा है, जिससे उन किसानों के साथ अन्याय हो रहा है जिन्होंने अपनी जमीन दी थी। दिल्ली में प्रदर्शन की चेतावनी समिति ने स्थानीय सांसद पर भी रेल सेवाओं के प्रति उदासीनता बरतने का आरोप लगाया है। ब्रासंस ने चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो वे अपनी मांगों को लेकर दिल्ली में रेल मंत्रालय के सामने धरना प्रदर्शन करेंगे।



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