धार में क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के बलिदान दिवस (23 मार्च) पर प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली शहीद क्रांति मशाल यात्रा इस वर्ष अपने 25वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। इस संबंध में रविवार को धार शहर की एक निजी होटल में पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। आयोजक राजीव यादव ने बताया कि देश की आजादी के लिए भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव के साथ-साथ रामप्रसाद बिस्मिल और अशफाक उल्ला ख़ाँ जैसे अनेक क्रांतिकारियों ने अपने प्राण न्योछावर किए थे। उन्हीं महान बलिदानों की स्मृति में पिछले 25 वर्षों से शहादत दिवस पर यह मशाल यात्रा आयोजित की जा रही है। उन्होंने बताया कि 23 मार्च को निकलने वाली यह मशाल यात्रा बस स्टैंड से प्रारंभ होगी। यह शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए शहीद चौक पर समाप्त होगी। यात्रा में धार शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों की संख्या में लोग शामिल होंगे। प्रतिभागी हाथों में जलती मशाल लेकर देशभक्ति के नारों के साथ आगे बढ़ेंगे। क्रांतिकारी परिवारों के वंशज भी शामिल होंगे
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी में देशभक्ति की भावना जागृत करना है। इसका लक्ष्य उन्हें यह याद दिलाना भी है कि आजादी कितने संघर्षों और बलिदानों के बाद प्राप्त हुई है। यात्रा के दौरान विभिन्न चौराहों पर माताएं-बहनें भारत माता का पूजन कर शहीदों की आरती उतारकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगी। इस वर्ष के आयोजन की एक विशेष बात यह रहेगी कि क्रांतिकारी परिवारों के वंशज भी इसमें शामिल होंगे। इनमें अशफाक उल्ला ख़ाँ, सुखदेव और राजगुरु के परिवारों के प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे, जो युवाओं को प्रेरित करेंगे। आयोजकों ने बताया कि यह मशाल यात्रा केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम है। इसका उद्देश्य लोगों को महान क्रांतिकारियों के बलिदान को याद दिलाना और उनसे प्रेरणा लेने के लिए प्रेरित करना है।
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