सतना जिले के नागौद वन परिक्षेत्र अंतर्गत जादवपुर बीट के हनुमानपुर गांव में कई दिनों से घायल अवस्था में घूम रही एक नर नीलगाय की रविवार को मौत हो गई। वन विभाग की टीम ने सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की और शव का पोस्टमार्टम कराया। प्रभारी रेंजर नीतेश गंगेले के अनुसार, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी सुरेंद्र मिश्रा ने वन विभाग को सूचित किया था कि नीलगाय पिछले कई दिनों से हनुमानपुर गांव के आसपास घायल अवस्था में देखी जा रही थी। रविवार को ग्रामीणों ने बताया कि नीलगाय गांव के एक बगीचे में आकर बैठ गई है और उठ नहीं पा रही है। सूचना पर परिक्षेत्र सहायक सुरदहा, जादवपुर बीट गार्ड, रहिकवारा बीट गार्ड, श्यामनगर बीट गार्ड सहित वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि नर नीलगाय की मृत्यु हो चुकी थी। उसके शरीर पर लगभग एक माह पुराने दो गहरे घाव थे, जिनमें बड़ी मात्रा में कीड़े पड़ चुके थे और दुर्गंध आ रही थी। आपसी संघर्ष के दौरान सींग लगे थे
वन अमले ने प्रारंभिक जांच में अनुमान लगाया कि ये घाव आपसी संघर्ष के दौरान सींग लगने से हुए होंगे। घावों में संक्रमण के कारण नीलगाय की हालत लगातार बिगड़ती गई, जिसके परिणामस्वरूप उसकी मौत हो गई। वन विभाग ने मृत नीलगाय को अपने कब्जे में लेकर पशु चिकित्सा अधिकारी नागौद से पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में जादवपुर बीट के कक्ष क्रमांक पी-312 में नियमानुसार शवदाह किया गया। वन विभाग द्वारा पंचनामा एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज तैयार कर प्रकरण दर्ज किया गया है।
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