13.32 करोड़ रुपए के स्टाम्प ड्यूटी घोटाले के मामले में तत्कालीन वरिष्ठ पंजीयक डॉ. अमरीश नायडू को बड़ा झटका लगा है। इंदौर हाईकोर्ट ने उनके रतलाम स्थानांतरण पर पूर्व में लगाई गई रोक को निरस्त कर दिया है। अब उनका ट्रांसफर प्रभावी हो गया है और उन्हें रतलाम जाना होगा। मामले की सुनवाई के दौरान डॉ. नायडू की ओर से दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने पहले उनके स्थानांतरण पर रोक लगा दी थी। हालांकि ताजा आदेश में कोर्ट ने वह स्थगन आदेश हटा दिया है। ईओडब्ल्यू ने दर्ज किया था प्रकरण राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण प्रकोष्ठ (EOW) ने इस मामले में तत्कालीन वरिष्ठ पंजीयक डॉ. अमरीश नायडू, सब रजिस्ट्रार संजय सिंह सहित अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि डीएलएफ गार्डन सिटी कॉलोनी के प्लॉट की रजिस्ट्री में कॉलोनी का नाम हटाकर उसे मांगलिया गांव रोड दर्शाते हुए रजिस्टर्ड किया गया। इससे शासन को 13.32 करोड़ रुपए के स्टाम्प ड्यूटी का नुकसान हुआ। स्थानांतरण पर पहले लगी थी रोक घोटाला सामने आने के बाद शासन ने डॉ. नायडू का इंदौर से रतलाम स्थानांतरण कर दिया था। इसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर कोर्ट ने प्रारंभिक तौर पर रोक लगा दी थी। अब कोर्ट ने उस रोक को हटा दिया है। स्टाम्प ड्यूटी घोटाले की जांच ईओडब्ल्यू द्वारा जारी है।
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