MP में LPG संकट…12 दिन से होटल-रेस्टोरेंट को गैस नहीं: छुट्‌टी वाले दिन प्रमुख सचिव ने सुनी संचालकों की बात; कल कोई ठोस निर्णय लेने की उम्मीद – Bhopal News

MP में LPG संकट…12 दिन से होटल-रेस्टोरेंट को गैस नहीं:  छुट्‌टी वाले दिन प्रमुख सचिव ने सुनी संचालकों की बात; कल कोई ठोस निर्णय लेने की उम्मीद – Bhopal News




मध्य प्रदेश में LPG संकट बरकरार है। होटल और रेस्टोरेंट को लगातार 12 दिन से कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई नहीं हुई है। इसे लेकर रविवार को नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया मध्य प्रदेश चैप्टर और फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की प्रमुख सचिव रश्मि शमी से मुलाकात की। प्रमुख सचिव शमी ने छुट्‌टी वाले दिन संचालकों से बात और ऑयल कंपनियों के साथ बैठक भी की। बता दें कि ऑयल कंपनियों की नई गाइडलाइन में 10% कमर्शियल सिलेंडर देने की बात कही गई है, लेकिन सप्लाई के आदेश नहीं आए हैं। इस कारण प्रदेश के 50 हजार से ज्यादा होटल और रेस्टोरेंट पर संकट के बादल छाए हुए हैं। वे बंद होने की कगार पर है। भोपाल होटल एवं रेस्तरां संघ के अध्यक्ष तेजकुलपाल सिंह पाली ने बताया कि कमर्शियल गैस आपूर्ति पर सख्त पाबंदी के कारण होटल व्यवसाय ठप होने की कगार पर है। जिसके समाधान पर चर्चा की। गैस की निर्बाध आपूर्ति बहाल करने की मांग की और ज्ञापन सौंपा गया है। NRAI प्रतिनिधि अभिषेक बाहेती ने बताया कि कमर्शियल गैस नहीं मिलने की बात से मुश्किलें बढ़ गई हैं। गैस के अभाव में होटल और रेस्टोरेंट संचालकों पर बड़ा संकट खड़ा हुआ है। इसे दूर करने की मांग की गई है। भोपाल के 2 हजार होटल में परेशानी
एसोसिएशन के अध्यक्ष पाली ने बताया कि भोपाल के होटल, रेस्तरा, ढाबों, खान-पान सेवा आदि रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लेकिन व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर के अभाव में संचालन व्यवस्था में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की है कि भोपाल के पंजीकृत होटलों और रेस्तरांओं को उनकी वास्तविक परिचालन आवश्यकताओं के आधार पर वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों का एक सीमित कोटा आवंटित किया जाए। प्रत्येक प्रतिष्ठान को आवश्यक रसोई संचालन बनाए रखने और खाद्य सेवाओं में व्यवधान से बचने के लिए वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर प्रदाय किए जाए। भोपाल में 2 हजार होटल और रेस्टोरेंट है। जहां हालात गंभीर हो गए हैं। केंद्र सरकार के आदेश पर भी नहीं हो रहा अमल
मध्य प्रदेश होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने बताया कि प्रदेश भर के होटल संगठनों के प्रतिनिधियों का कहना है कि केंद्र के आपूर्ति के आदेश के बावजूद राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं हुए हैं। जिससे स्थानीय स्तर पर वितरण व्यवस्था ठप पड़ी है। सूरी ने कहा कि हमने सरकार के सामने अपनी मांगे रखी हैं और हमें उम्मीद है कि जल्द से जल्द हमें मदद मिलेगी। होटल और रेस्टोरेंट एसोसिशन से लाखों लोगों का रोजगार जुड़ा हुआ है। सभी के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। सभी होटलों के लिए एक जैसे नियम सही नहीं
अध्यक्ष सूरी के अनुसार, संगठन की प्रमुख मांग है कि वर्तमान 20 प्रतिशत की सीमा को बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया जाए ताकि व्यवसायों का संचालन सुचारू रूप से हो सके। इसके अलावा उन्होंने एक नया प्रस्ताव भी रखा है कि सभी संस्थानों के लिए आपूर्ति का एक समान नियम नहीं होना चाहिए। होटलों की श्रेणी और उनकी मांग के आधार पर गैस का कोटा निर्धारित किया जाना चाहिए। बड़े संस्थानों को उनकी खपत के अनुसार अधिक और छोटे संस्थानों को उनके अनुपात में गैस उपलब्ध कराई जानी चाहिए। साथ ही पीएनजी सप्लाई को भी मांग के अनुरूप बढ़ाने की मांग रखी गई है। ये पदाधिकारी रहे मौजूद
एनआरएआई के प्रतिनिधि बाहेती ने बताया कि प्रमुख सचिव ने होटल और रेस्टोरेंट को गैस उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया है। सोमवार तक कोई उचित निर्णय लेने का आश्वासन भी दिया है। प्रतिनिधिमंडल में सचिन अग्रवाल, दीपेश मोटवानी, श्रीकांत सिंह, अमित बाहेती, गर्वित अग्रवाल, सागर गैरे, विष्णु शर्मा, कुश मनोहर, सपन अरोड़ा, दिनेश डावर, जस्तेज पाली आदि भी मौजूद थे।



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