महाकाल की नगरी में विश्व शांति का महायज्ञ! 100 पंडितों के मंत्रों से गूंजा बगलामुखी धाम

महाकाल की नगरी में विश्व शांति का महायज्ञ! 100 पंडितों के मंत्रों से गूंजा बगलामुखी धाम


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ujjain Baglamukhi Mandir: उज्जैन के बगलामुखी मंदिर में नवरात्रि के दौरान विश्व शांति के लिए विशेष यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है. इस 9 दिवसीय अनुष्ठान में 100 से अधिक पंडित लगातार हवन और पूजा कर रहे हैं. महंत रामनाथ के सान्निध्य में यह आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हो रहा है. इसमें देवी के विभिन्न स्वरूपों की स्थापना भी की जा रही है. जानिए कैसे यह यज्ञ दुनिया में शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश दे रहा है.

Ujjain Navratri Baglamukhi Mandir Anushthan: उज्जैन की पावन धरती पर स्थित Baglamukhi Temple में सोमवार का दिन खास बन गया. सुबह की पहली किरण के साथ ही मंदिर में मंत्रोच्चार शुरू हो गया और विश्व शांति के लिए विशेष यज्ञ का आयोजन किया गया. दुनिया में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच इस यज्ञ के जरिए सकारात्मक ऊर्जा फैलाने की कोशिश की जा रही है. दूर-दूर से आए श्रद्धालु और संत एक ही भावना लेकर पहुंचे पूरी दुनिया में शांति बनी रहे.

9 दिन तक चलेगा विशेष अनुष्ठान
चैत्र नवरात्रि के मौके पर यहां 9 दिवसीय अनुष्ठान चल रहा है. इस दौरान 100 से ज्यादा पंडित-पुजारी लगातार हवन, जप और पूजा में लगे हुए हैं. हर दिन सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे तक हवन-पूजन किया जा रहा है, जिसमें हर आहुति के साथ विश्व कल्याण की कामना की जा रही है.

कैसे हो रहा पूरा आयोजन
यह अनुष्ठान भर्तृहरि गुफा के गादीपति Mahant Ramnath के सान्निध्य में हो रहा है. शुरुआत प्रतिपदा के दिन शिप्रा नदी के दत्त अखाड़ा घाट पर स्नान और प्रायश्चित से हुई. इसके बाद मंदिर में मंडप प्रवेश कराया गया. अनुष्ठान में 101 बटुक ब्राह्मण भी शामिल हैं.

देवी स्वरूपों की हो रही प्रतिष्ठा
इस अनुष्ठान के दौरान अलग-अलग दिनों में देवी के विभिन्न स्वरूपों की स्थापना की जा रही है, जैसे तारा, छिन्नमस्ता, षोडशी, भुवनेश्वरी, त्रिपुरा भैरवी, धूमावती, मातंगी और कमलात्मिका. इस पूरे आयोजन की पूर्णाहुति रामनवमी के दिन होगी.

मन्नत पूरी होने पर चढ़ा सोने का मुकुट
मंदिर में श्रद्धा का एक अनोखा उदाहरण भी देखने को मिला. पिछले साल मुंबई से आए एक भक्त ने अपनी मनोकामना पूरी होने पर माता को करीब आधा किलो सोने का मुकुट अर्पित किया. यह दृश्य वहां मौजूद हर श्रद्धालु के लिए आस्था और विश्वास की मिसाल बन गया.

आस्था से मिलती है सकारात्मक ऊर्जा
इस पूरे अनुष्ठान का संदेश साफ है जब लोग एक साथ मिलकर शांति और भलाई की कामना करते हैं, तो सकारात्मक ऊर्जा का असर दूर तक जाता है. उज्जैन से उठी ये प्रार्थना अब पूरी दुनिया के लिए शांति का संदेश बन रही है.

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Shweta Singh

Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें



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