हरदा जिले में माचक नदी पर बना एक पुराना पुल रविवार रात करीब 12:30 बजे ढह गया। यह पुल रोलगांव और कालकुंड के बीच स्थित था और जिले के दो विधानसभा क्षेत्रों को जोड़ता था। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। यह पुल पिछले चार साल से क्षतिग्रस्त होने के कारण आवागमन के लिए बंद था। प्रशासन ने पुल से लगभग आधा किलोमीटर दूर एक वैकल्पिक मार्ग बनाया था, जिसका उपयोग किया जा रहा था। कालकुंड की ओर से पुल का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा टूटकर नदी में गिर गया। आठ दिन पहले ही पुल के एक तरफ का पिलर धंस गया था, जिससे इसकी स्थिति और खराब हो गई थी। कालकुंड के जनपद सदस्य मणिशंकर गुर्जर ने बताया कि रात करीब 12 बजे गांव में गणगौर का कार्यक्रम चल रहा था, तभी अचानक तेज आवाज सुनाई दी। पास जाकर देखने पर पता चला कि लगभग 50 साल पुराना पुल नदी में गिर गया था। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द नए पुल का निर्माण करने की मांग की है ताकि आवागमन सुचारू हो सके। उन्होंने वैकल्पिक मार्ग को भी दुरुस्त करने की मांग की है, जो इन दिनों क्षतिग्रस्त है और वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। उल्लेखनीय है कि रोलगांव, जहां यह पुल स्थित है, प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बेटे का ससुराल है।
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